Oswal Pumps ने वित्त वर्ष 2026 के लिए शानदार आंकड़े पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **44.3%** बढ़कर **₹2,064.4 करोड़** और नेट प्रॉफिट **34.1%** उछलकर **₹376.3 करोड़** पर पहुंच गया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। पिछले साल के ₹1,430.3 करोड़ के मुकाबले इस बार रेवेन्यू ₹2,064.4 करोड़ रहा है। वहीं, ऑपरेटिंग EBITDA में 22.4% की वृद्धि के साथ यह ₹513.9 करोड़ पर पहुंच गया है।
कर्ज में भारी कटौती और सोलर पर फोकस
Oswal Pumps अपनी IPO स्ट्रेटेजी के तहत तेजी से काम कर रही है। कंपनी ने अपने नेट डेट (Net Debt) को 70% घटाकर ₹134.6 करोड़ कर दिया है। इसके साथ ही, कंपनी सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को 570 MW से बढ़ाकर वित्त वर्ष 2027 तक 1,570 MW करने की तैयारी में है।
कारोबार का नया विस्तार
अब कंपनी सिर्फ पारंपरिक कृषि आधारित PM-KUSUM योजना तक सीमित नहीं है। वे PM Surya Ghar रूफटॉप सोलर, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल (C&I) प्रोजेक्ट्स में भी कदम रख रहे हैं, जिससे क्लीन एनर्जी मार्केट में उनकी पकड़ मजबूत हो सके।
निवेशकों के लिए चेतावनी (Risks to watch)
कंपनी के सामने एक बड़ी चुनौती 'रिसीवेबल डेज' की है, जो अभी 155 दिन पर है। सरकारी एजेंसियों से पेमेंट में देरी के कारण वर्किंग कैपिटल पर दबाव बना हुआ है। हालांकि चौथी तिमाही (Q4) में कैश फ्लो पॉजिटिव रहा है, लेकिन भविष्य में पेमेंट का समय पर मिलना लिक्विडिटी के लिए बेहद जरूरी है। इसके अलावा, रॉ मटेरियल की कीमतों में उतार-चढ़ाव मार्जिन को प्रभावित कर सकता है।
आगे क्या?
कंपनी की 23वीं सालाना आम बैठक (AGM) 25 सितंबर 2026 को तय की गई है। बाजार की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी सोलर कैपेसिटी बढ़ाने की टाइमलाइन और कैश फ्लो की स्थिति को कैसे बेहतर करती है।
