Orient Green Power ने पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **16%** घटकर **₹23.94 करोड़** रह गया है। कंपनी ने इसका कारण हवा की कम उपलब्धता और डेप्रिसिएशन (Depreciation) में बढ़ोतरी को बताया है। साथ ही, कंपनी ने अपनी यूरोपीय सब्सिडियरी (European Subsidiary) को मर्ज करने के बजाय लिक्विडेट (Liquidate) करने का फैसला किया है।
Detailed Coverage
Orient Green Power Q1 FY27 नतीजे
- नेट प्रॉफिट (Net Profit): ₹23.94 करोड़
- रेवेन्यू (Revenue): ₹81.43 करोड़
क्या हुआ?
Orient Green Power Company Ltd. ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के लिए ₹23.94 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹28.62 करोड़ की तुलना में 16% की गिरावट है। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स (Revenue from Operations) भी 7% घटकर ₹81.43 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹87.38 करोड़ था। कंपनी का कहना है कि इस गिरावट का मुख्य कारण इस अवधि के दौरान हवा की उपलब्धता में कमी रही।
इस तिमाही में कंपनी का EBITDA 9% घटकर ₹60.01 करोड़ रहा, जो पिछले साल Q1 FY26 में ₹65.92 करोड़ था। EBITDA मार्जिन 100 बेसिस पॉइंट घटकर 70% पर आ गया। वहीं, नेट प्रॉफिट मार्जिन 300 बेसिस पॉइंट की गिरावट के साथ 28% पर पहुंच गया।
यह क्यों मायने रखता है?
ये नतीजे बताते हैं कि कंपनी का प्रदर्शन काफी हद तक हवा की उपलब्धता जैसे मौसमी कारकों पर निर्भर करता है। लाभ और रेवेन्यू में आई यह गिरावट, जो कुछ हद तक अपेक्षित थी, साल-दर-साल लगातार ग्रोथ बनाए रखने में चुनौतियों का संकेत देती है। हालांकि, कंपनी अपनी क्षमता विस्तार (Capacity Expansion) और कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर को सरल बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है, जिसका मकसद भविष्य में दबावों को कम करना है।
क्या है पूरी कहानी?
Orient Green Power रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) पोर्टफोलियो के विस्तार पर ध्यान केंद्रित कर रही है। पिछली तिमाही में ही कंपनी ने दो 3.3 MW के विंड टर्बाइन (Wind Turbine) चालू किए थे। कंपनी ने राइट्स इश्यू (Rights Issue) के जरिए फंड भी जुटाया था, जिसका एक बड़ा हिस्सा क्षमता विस्तार के लिए इस्तेमाल किया गया है।
अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी, Orient Green Power Europe B.V. (OGPE) के मर्जर प्रस्ताव को वापस लेने और स्वैच्छिक लिक्विडेशन (Voluntary Liquidation) का फैसला, एसेट्स को वापस लाने और कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर को सरल बनाने की दिशा में एक बड़ा रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
आगे क्या बदलेगा?
OGPE के लिक्विडेशन से पैरेंट कंपनी के एसेट्स की वापसी में तेजी आने की उम्मीद है, जिससे कंपनी की लिक्विडिटी (Liquidity) पोजीशन बेहतर हो सकती है और बैलेंस शीट (Balance Sheet) सरल हो सकती है। कंपनी ने Q1 FY27 में एक नया 3.3 MW का विंड टर्बाइन भी चालू किया है। साथ ही, उम्मीद है कि 17.6 MW के सोलर (Solar) और 7.8 MW के विंड रि-पावरिंग प्रोजेक्ट्स (Wind Repowering Projects) से कमर्शियल प्रोडक्शन 30 सितंबर, 2026 तक शुरू हो जाएगा। यह विस्तार भविष्य के रेवेन्यू के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
जोखिम क्या हैं?
कंपनी के लिए हवा की उपलब्धता एक बड़ा जोखिम है, जो सीधे तौर पर उसके टॉप और बॉटम लाइन को प्रभावित करती है। TNPDCL द्वारा कैप्टिव जनरेटिंग प्लांट (Captive Generating Plant) स्टेटस को लेकर दायर याचिका संभावित देनदारी का जोखिम पैदा करती है। इसके अलावा, REC रिसीवेबल्स (REC Receivables) के लिए ₹16.21 करोड़ का प्रोविजन (Provision) न्यूनतम मूल्य (Floor Price) को लेकर चल रही कानूनी अनिश्चितता को दर्शाता है।
आगे क्या देखना है?
निवेशक 17.6 MW सोलर और 7.8 MW विंड रि-पावरिंग प्रोजेक्ट्स की प्रगति पर बारीकी से नजर रखेंगे, जिनके 30 सितंबर, 2026 तक शुरू होने की उम्मीद है। TNPDCL याचिका का समाधान और REC रिसीवेबल्स की रिकवरी भी महत्वपूर्ण कारक होंगे।
