Organic Recycling Systems की सब्सिडियरी Solapur Bioenergy Systems ने BPCL से एक बड़ा EPCOM कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है। भिलाई में बायो-गैस प्लांट बनाने के इस प्रोजेक्ट से कंपनी के ऑर्डर बुक में जबरदस्त उछाल आया है।
बड़ा कॉन्ट्रैक्ट और मज़बूत पार्टनरशिप
Organic Recycling Systems (ORSL) ने अपने निवेशकों के लिए एक बड़ी खबर दी है। कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी Solapur Bioenergy Systems ने Bharat Petroleum Corporation Limited (BPCL) के साथ एक बड़ा करार किया है। यह कॉन्ट्रैक्ट छत्तीसगढ़ के भिलाई में एक कॉम्प्रैस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट बनाने के लिए है। कंपनी का यह BPCL के साथ 5वां बड़ा प्रोजेक्ट है।
डील की मुख्य बातें (Key Highlights)
- कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू: इस नए प्रोजेक्ट की वैल्यू ₹50-100 करोड़ के बीच है।
- कुल ऑर्डर बुक: BPCL के साथ अब कंपनी की कुल ऑर्डर वैल्यू ₹350-500 करोड़ के दायरे में पहुंच गई है।
- मॉडल: यह प्रोजेक्ट EPCOM मॉडल पर आधारित है, जिसमें प्लांट बनने के बाद 5 साल तक ऑपरेशन और मेंटेनेंस (O&M) की जिम्मेदारी भी कंपनी की होगी।
भविष्य की राह और टाइमलाइन
कंपनी ने इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 15 महीने की टाइमलाइन तय की है। प्लांट तैयार होने के बाद 3 महीने का परफॉर्मेंस गारंटी टेस्ट रन (PGTR) होगा, जिसके बाद 5 साल का O&M कॉन्ट्रैक्ट शुरू होगा।
निवेशकों के लिए चेतावनी
भले ही यह खबर लंबी अवधि के रेवेन्यू के नजरिए से अच्छी है, लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में एग्जीक्यूशन का जोखिम हमेशा बना रहता है। सरकारी मंजूरी मिलने में देरी या सप्लाई चेन में रुकावटें कंपनी के कैश फ्लो पर असर डाल सकती हैं। निवेशकों को आने वाली तिमाही नतीजों और प्रोजेक्ट की प्रोग्रेस पर बारीकी से नज़र रखनी चाहिए।
