Organic Recycling Systems की सब्सिडियरी Solapur Bioenergy Systems ने BPCL से Hubli-Dharwad में CBG प्लांट बनाने का कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है। इस महीने BPCL से यह चौथा बड़ा ऑर्डर है, जिससे कंपनी के लंबे समय के रेवेन्यू पर भरोसा बढ़ा है।
कॉन्ट्रैक्ट की डिटेल
इस प्रोजेक्ट का कुल वैल्यू ₹50 करोड़ से ₹100 करोड़ के बीच बताया जा रहा है। इसमें 15 महीने का कंस्ट्रक्शन पीरियड है और उसके बाद 5 साल का ऑपरेशन और मेंटेनेंस (O&M) कॉन्ट्रैक्ट शामिल है। यह प्लांट 20 TPD (टन प्रति दिन) की कैपेसिटी के साथ काम करेगा।
क्यों अहम है यह डील?
BPCL के साथ यह एक महीने के भीतर चौथी बड़ी डील है। इससे पहले कंपनी को मैसूर, रायपुर और कोझिकोड के लिए भी ऑर्डर मिले हैं। इस तरह के एग्रीमेंट से कंपनी का रेवेन्यू मॉडल अब 'प्रोजेक्ट बेस्ड' से बदलकर 'एनुइटी (Annuity) मॉडल' की ओर बढ़ रहा है, जिससे कंपनी की EBITDA विजिबिलिटी और कमाई की स्थिरता में सुधार होगा।
कंपनी का विजन
Organic Recycling Systems खुद को भारत के तेजी से बढ़ते CBG इंफ्रास्ट्रक्चर में एक बड़े टर्नकी सॉल्यूशन प्रोवाइडर के रूप में स्थापित कर रही है। IOCL के साथ गोरखपुर फैसिलिटी का कॉन्ट्रैक्ट रिन्यू होने के बाद, अब OMCs के साथ इनकी बढ़ती साझेदारी सेक्टर में इनकी मजबूत पैठ को दिखाती है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
निवेशकों को अब 15 महीने के एग्जीक्यूशन टाइमलाइन पर नजर रखनी चाहिए। चुनौती यह है कि कंपनी चार अलग-अलग साइट्स पर काम को समय पर कैसे पूरा करती है। अगर कंस्ट्रक्शन या कमीशनिंग में देरी होती है, तो इसका असर मार्जिन और भविष्य की कमाई पर पड़ सकता है।
आगे क्या देखना है?
अब बाजार की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी कैसे मैसूर, रायपुर, कोझिकोड और हुबली-धारवाड़ के प्लांट्स को समय पर शुरू कर पाती है और निर्माण से मेंटेनेंस फेज तक का ट्रांजिशन कितनी स्मूथली होता है।
