Organic Recycling Systems ने H1 FY27 के नतीजों में अपनी शानदार रफ्तार दिखाई है। कंपनी का रेवेन्यू **151.8%** बढ़कर **₹77 करोड़** (₹770 मिलियन) पर पहुंच गया है, जिसका श्रेय BPCL से मिले बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स को जाता है। हालांकि, बढ़ते खर्चों के बीच मुनाफे के मार्जिन में दबाव और CEO यशस भंड के इस्तीफे की खबर ने निवेशकों के लिए एक नई स्थिति पैदा कर दी है।
मुनाफे में इजाफा, लेकिन बढ़े खर्च
कंपनी ने 30 सितंबर, 2026 तक की छमाही में कुल कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹770.01 मिलियन दर्ज किया, जबकि नेट प्रॉफिट (PAT) ₹157.97 मिलियन रहा। शानदार रेवेन्यू ग्रोथ के बावजूद कंपनी के EBITDA मार्जिन में बड़ी गिरावट देखी गई है, जो पिछले साल के 48.09% से घटकर अब 25.01% रह गया है। मैनेजमेंट के अनुसार, प्रोजेक्ट्स के स्केल होने के कारण स्टॉक-इन-ट्रेड और इन्वेंट्री लागत में बढ़ोतरी इसका मुख्य कारण है।
BPCL के साथ नई साझेदारी
कंपनी को BPCL से मैसूर, रायपुर, कोझिकोड, हुबली-धारवाड़ और भिलाई में कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट बनाने के लिए 5 बड़े EPCOM कॉन्ट्रैक्ट्स मिले हैं। इन प्रोजेक्ट्स की कुल वैल्यू ₹350-500 करोड़ के बीच है, जो कंपनी के लिए लॉन्ग-टर्म आय का बड़ा स्रोत बन सकते हैं।
लीडरशिप में बदलाव
नतीजों के साथ ही कंपनी ने CEO और होल-टाइम डायरेक्टर यशस भंड के इस्तीफे की जानकारी दी है। इस महत्वपूर्ण विस्तार के दौर में अचानक शीर्ष नेतृत्व का जाना कंपनी की रणनीतिक निरंतरता के लिए एक चुनौती हो सकता है।
रिस्क फैक्टर
निवेशकों को कंपनी के बढ़ते ऑपरेटिंग खर्च और 'Industrial Associates' को दी गई ₹5 करोड़ की कॉर्पोरेट गारंटी पर भी नजर रखनी होगी, जो एक आकस्मिक देनदारी (contingent liability) के रूप में सामने है। आगे चलकर मार्जिन में सुधार और नए CEO की नियुक्ति पर मार्केट की नजर रहेगी।
