Oil India Ltd की सब्सिडियरी OIL Green Energy Limited (OGEL) ने हरियाणा के चार नगर निगमों के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) किया है। इस प्रोजेक्ट के तहत रोजाना **5,000 टन** कचरे का निपटान कर **70-75 टन** कंप्रेस्ड बायोगैस और **50 मेगावाट** ग्रीन पावर बनाई जाएगी।
प्रोजेक्ट का दायरा और क्षमता
यह प्रोजेक्ट मुख्य रूप से गुरुग्राम, फरीदाबाद, अंबाला और हिसार में शुरू किया जाएगा। कंपनी की योजना रोजाना 5,000 टन कचरे को संसाधित करने की है, जिसमें से:
- गुरुग्राम: 2,000 टन
- फरीदाबाद: 1,600 टन
- अंबाला: 900 टन
- हिसार: 500 टन
कचरे का उपयोग किया जाएगा।
कैसे काम करेगा यह मॉडल?
ये प्लांट वैज्ञानिक तरीके से कचरे का निपटान करेंगे। पहले चरण में कचरे को अलग किया जाएगा, फिर गीले कचरे से कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) बनाई जाएगी और अंत में सूखे कचरे से बिजली उत्पन्न की जाएगी।
रणनीतिक महत्व
यह कदम भारत सरकार की 'GOBARdhan' स्कीम के साथ पूरी तरह मेल खाता है। ऑयल इंडिया के लिए यह पारंपरिक बिजनेस से हटकर ग्रीन एनर्जी पोर्टफोलियो में अपनी पकड़ मजबूत करने का एक बड़ा मौका है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
हालांकि ये MoU एक सकारात्मक संकेत हैं, लेकिन अभी तक अंतिम निर्माण अनुबंध (Final construction contracts) पर हस्ताक्षर नहीं हुए हैं। निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि इन प्रोजेक्ट्स के लिए पूंजीगत व्यय (Capex), सरकारी मंजूरी और फीडस्टॉक एग्रीमेंट जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर स्पष्टता आना अभी बाकी है। समय-सीमा और ग्रिड कनेक्टिविटी पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा।
