ONGC की बड़ी कामयाबी: असम में गैस फैसिलिटीज चालू, नॉर्थ-ईस्ट ग्रिड को मिलेगा बूस्ट

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
ONGC की बड़ी कामयाबी: असम में गैस फैसिलिटीज चालू, नॉर्थ-ईस्ट ग्रिड को मिलेगा बूस्ट

ONGC ने असम में नई गैस निकासी (gas evacuation) की सुविधाएँ शुरू की हैं, जिससे रोजाना लगभग **1 लाख SCM** गैस का उत्पादन और नॉर्थ ईस्ट गैस ग्रिड (NEGG) में परिवहन संभव हो सकेगा। इस कदम से अतिरिक्त गैस का मुद्रीकरण (monetize) होगा और क्षेत्र की गैस अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

ONGC ने असम में गैस निकासी की नई सुविधाएँ शुरू कीं

ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन लिमिटेड (ONGC) ने असम के गोलघाट जिले में खोराघाट GGS-1 पर नई गैस निकासी की सुविधाएँ सफलतापूर्वक चालू कर दी हैं। यह नया इंफ्रास्ट्रक्चर ऊपरी असम शेल्फ से रोजाना लगभग 1 लाख स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (SCM) अतिरिक्त एसोसिएटेड नेचुरल गैस (associated natural gas) को प्रोसेस और निकालने में मदद करेगा। इस गैस को नॉर्थ ईस्ट गैस ग्रिड (NEGG) में शामिल किया जाएगा।

क्या हुआ है?

ONGC ने असम में अपने खोराघाट GGS-1 साइट पर गैस निकासी की नई सुविधाओं को चालू कर दिया है। यह नई व्यवस्था प्रतिदिन लगभग 1 लाख SCM गैस को संभालने में सक्षम होगी।

यह क्यों मायने रखता है?

इस सुविधा के चालू होने से ONGC अपनी ऊपरी असम शेल्फ की संपत्तियों, खासकर जोरहाट एसेट से अब तक फंसी हुई (stranded) अतिरिक्त एसोसिएटेड नेचुरल गैस का मुद्रीकरण (monetize) कर पाएगी। इस गैस को नॉर्थ ईस्ट गैस ग्रिड (NEGG) में शामिल करने से क्षेत्र का गैस इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा, गैस-आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और गैस फ्लेयरिंग (gas flaring) में भी कमी आएगी।

पिछली कहानी

ONGC पूर्वोत्तर क्षेत्र में गैस कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। यह प्रोजेक्ट हाल ही में चालू हुए डेर्गाँव-दिमापुर पाइपलाइन के पूरक के रूप में काम करेगा, जो नगालैंड को NEGG और नेशनल गैस ग्रिड से जोड़ता है। नई सुविधाओं से ONGC के जोरहाट एसेट से गैस निकालने की क्षमता की कमी को दूर किया जा सकेगा।

अब क्या बदलेगा?

खोराघाट GGS-1 की यह सुविधा गैस के उत्पादन और निकासी को संभव बनाती है, जिससे ONGC इसे विकसित हो रहे नॉर्थ ईस्ट गैस ग्रिड को सप्लाई कर सकेगी। ONGC, जंतपाथर और कसोमारीगांव में अतिरिक्त हुक-अप सुविधाएं भी विकसित कर रही है ताकि अधिक उत्पादन क्षेत्रों को जोड़ा जा सके।

जोखिम पर नजर

हालांकि यह फाइलिंग सकारात्मक इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को उजागर करती है, लेकिन कुछ जोखिम भी हो सकते हैं। इनमें IGGL द्वारा नॉर्थ ईस्ट गैस ग्रिड के पूर्ण परिचालन में देरी या गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव शामिल हैं, जो इन नई निकासी सुविधाओं की दीर्घकालिक लाभप्रदता को प्रभावित कर सकते हैं।

साथियों से तुलना

पूर्वोत्तर में गैस मुद्रीकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर ONGC का ध्यान व्यापक उद्योग के रुझानों के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य संसाधनों का अधिकतम उपयोग करना है। इस क्षेत्र की अन्य अन्वेषण और उत्पादन (exploration and production) कंपनियाँ भी ग्रिड के विस्तार के साथ इसी तरह की ग्रिड कनेक्टिविटी का लाभ उठाने पर विचार कर सकती हैं।

प्रासंगिक मेट्रिक्स (समय-आधारित)

ONGC के जोरहाट एसेट से अब प्रतिदिन लगभग 1 लाख SCM गैस का उपयोग होने की उम्मीद है, जिसके पास पहले निकासी की पर्याप्त क्षमता नहीं थी।

आगे क्या देखें

निवेशकों को IGGL द्वारा नॉर्थ ईस्ट गैस ग्रिड के विकास की प्रगति और ONGC की जंतपाथर और कसोमारीगांव में अतिरिक्त हुक-अप सुविधाओं के लिए योजनाओं पर नज़र रखनी चाहिए, क्योंकि ये गैस निकासी और उपयोग को और बढ़ाएँगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.