Navin Fluorine का बड़ा कदम: ग्रीन एनर्जी में ₹5.50 करोड़ का निवेश
Navin Fluorine International की पूरी तरह से सब्सिडियरी Navin Fluorine Advanced Sciences Limited (NFASL) ने Pro-Zeal Green Power Twenty Private Limited में 26% हिस्सेदारी के लिए ₹5.50 करोड़ तक का निवेश करने का फैसला किया है। यह स्पेशल पर्पस व्हीकल (SPV) विंड और सोलर एनर्जी का इस्तेमाल करके 5MW की हाइब्रिड कैप्टिव पावर जनरेशन फैसिलिटी विकसित करेगी।
क्यों महत्वपूर्ण है यह निवेश?
इस स्ट्रेटेजिक निवेश का मुख्य मकसद Navin Fluorine की दहेज मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के लिए पावर सप्लाई को स्थिर और सस्ता बनाना है। रिन्यूएबल एनर्जी पर निर्भरता बढ़ाकर, कंपनी अपने सस्टेनेबिलिटी लक्ष्यों को भी पूरा करेगी और कार्बन फुटप्रिंट को कम करेगी।
क्या है पूरी कहानी?
Pro-Zeal Green Power Twenty Private Limited की स्थापना 18 दिसंबर, 2025 को हुई थी और यह एक नई कंपनी है जिसका कोई पिछला टर्नओवर नहीं है। इस निवेश के साथ, Navin Fluorine अपनी खुद की ग्रीन पावर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की पहल कर रही है।
अब क्या बदलेगा?
कंपनी 12 महीनों के अंदर इस 5MW हाइब्रिड पावर प्लांट के अधिग्रहण और सेटअप को पूरा करने की योजना बना रही है। इससे कंपनी की पावर सोर्सिंग स्ट्रेटेजी में बड़ा बदलाव आएगा, जिसमें रिन्यूएबल एनर्जी का हिस्सा बढ़ेगा।
इन रिस्क पर रखें नजर
इस प्रोजेक्ट की सफलता और 12 महीने की समय-सीमा के भीतर इसके चालू होने पर खास नजर रखनी होगी, खासकर SPV की नई शुरुआत और शून्य टर्नओवर को देखते हुए।
इंडस्ट्री में ट्रेंड
कई केमिकल कंपनियां बढ़ती एनर्जी कॉस्ट को मैनेज करने और ESG (Environmental, Social, and Governance) के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए कैप्टिव रिन्यूएबल पावर जनरेशन की ओर देख रही हैं। Navin Fluorine का यह कदम इसी इंडस्ट्री ट्रेंड के अनुरूप है।
मुख्य आंकड़े:
- निवेश की राशि: ₹5.50 करोड़ (26% हिस्सेदारी के लिए)
- पावर प्लांट क्षमता: 5MW (विंड और सोलर का हाइब्रिड मॉडल)
- पावर सप्लाई एग्रीमेंट: 15 साल
- प्रोजेक्ट पूरा होने का लक्ष्य: एग्रीमेंट की तारीख से 12 महीने के अंदर।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को SPV के प्रोजेक्ट डेवलपमेंट की प्रगति और निर्धारित समय-सीमा के भीतर इसके चालू होने पर नज़र रखनी चाहिए। प्रोजेक्ट से होने वाली अनुमानित एनर्जी कॉस्ट बचत, निवेश की सफलता का एक अहम पैमाना होगी।
