Nava Ltd ने Q1 FY27 के लिए ₹1,269 करोड़ की रिकॉर्ड कंसोलिडेटेड टोटल इनकम दर्ज की है। कंपनी का 300MW का थर्मल प्लांट 89.3% PLF पर चला। हालांकि, MEL फेज 2 थर्मल एक्सपेंशन Q2 FY27-28 तक टल गया है।
Nava Ltd ने Q1 FY27 में दर्ज की रिकॉर्ड ₹1,269 करोड़ की कंसोलिडेटेड आय
Nava Ltd ने Q1 FY27 के अपने वित्तीय नतीजों का ऐलान किया है, जिसमें कंपनी ने रिकॉर्ड ₹1,269 करोड़ की कंसोलिडेटेड टोटल इनकम दिखाई है। वहीं, स्टैंडअलोन टोटल इनकम ₹689 करोड़ रही। कंपनी के 300MW के MEL थर्मल पावर प्लांट ने इस तिमाही में 89.3% का शानदार प्लांट लोड फैक्टर (PLF) हासिल किया।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
यह रिकॉर्ड आय Nava Ltd के लिए मजबूत ऑपरेशनल परफॉरमेंस और रेवेन्यू जेनरेशन का संकेत है, जो मुख्य रूप से एनर्जी सेगमेंट से आया है। 89.3% का हाई PLF इसके थर्मल पावर एसेट्स के कुशल उपयोग को दर्शाता है। हालांकि, कंपनी की MEL फेज 2 थर्मल एक्सपेंशन प्रोजेक्ट की टाइमलाइन में बदलाव एक अहम डेवलपमेंट है।
पूरी कहानी
Nava Ltd का कारोबार एनर्जी, माइनिंग और कमर्शियल एग्रीकल्चर तक फैला हुआ है। MEL फेज 2 थर्मल एक्सपेंशन, पावर जनरेशन कैपेसिटी बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा प्रोजेक्ट है। कंपनी 100MW का सोलर पावर प्रोजेक्ट और जाम्बिया में एक शुगर प्रोजेक्ट भी विकसित कर रही है।
अब क्या बदलेगा?
MEL फेज 2 थर्मल एक्सपेंशन, जो पहले शुरू होना था, अब Q2 FY27-28 तक पूरा होने की उम्मीद है। इस देरी का कारण महत्वपूर्ण मटेरियल की डिलीवरी में लॉजिस्टिक्स की समस्याएं बताई जा रही हैं। प्रोजेक्ट की लागत ₹40 करोड़ है, जिसमें ₹30 करोड़ का डेट और ₹10 करोड़ की इक्विटी शामिल है। इस फेज से ₹20 करोड़ का अनुमानित रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है।
कंपनी का 100MW सोलर पावर प्रोजेक्ट सितंबर 2026 तक चालू हो जाएगा। इसके अलावा, जाम्बिया में शुगर प्रोजेक्ट Q4 FY28 तक चालू होने का लक्ष्य है, जिससे सालाना ₹5.5-6 करोड़ का रेवेन्यू मिलने का अनुमान है।
जोखिम पर नजर
निवेशक MEL फेज 2 प्लांट के Q2 FY27-28 में चालू होने की प्रगति पर बारीकी से नजर रखेंगे, खासकर पिछली गाइडेंस से संशोधन को देखते हुए। भू-राजनीतिक और सप्लाई चेन में रुकावटों सहित लॉजिस्टिक्स जोखिम बने हुए हैं, हालांकि कंपनी सुधारात्मक उपाय कर रही है। मेटल बिजनेस, जिसका 70% प्रोडक्शन कमिटेड है, वॉल्यूम-ड्रिवन है और इसके ओरिसा यूनिट में शेड्यूल मेंटेनेंस शटडाउन के कारण बिक्री में अस्थायी कमी आई थी, जो 1 अगस्त, 2026 को फिर से शुरू हो गया।
आगे क्या देखना है?
शेयरधारकों को MEL फेज 2 एक्सपेंशन की प्रगति, सोलर प्रोजेक्ट के समय पर चालू होने और जाम्बियाई शुगर ऑपरेशंस से रेवेन्यू जेनरेशन पर ध्यान देना चाहिए। मैनेजमेंट का अनुमान है कि कंसोलिडेटेड EBITDA मार्जिन 35%-40% और जाम्बियाई एनर्जी मार्जिन 45%-50% के बीच रहेगा। कंपनी अपनी लैंड बैंक के विकल्पों पर भी एक थर्ड-पार्टी स्टडी के माध्यम से विचार कर रही है।
