NLC India ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए ऐतिहासिक नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) **₹3,769 करोड़** के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जिसके साथ ही शेयरधारकों के लिए **38.5%** डिविडेंड देने का भी एलान किया गया है।
मुनाफे की नई ऊंचाई
NLC India की 70वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में जारी आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी ने वित्त वर्ष में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट 38.91% बढ़कर ₹3,769 करोड़ हो गया है। वहीं, EBITDA भी अब तक के उच्चतम स्तर ₹7,475 करोड़ पर दर्ज किया गया है। रेवेन्यू में 14.44% की उछाल के साथ यह आंकड़ा ₹17,490 करोड़ तक पहुंच गया है। कंपनी ने निवेशकों को ₹533.86 करोड़ का कुल डिविडेंड (Payout 38.5%) देने की घोषणा की है।
बिजनेस में बड़ा बदलाव
कंपनी अब सिर्फ एक लिग्नाइट माइनर नहीं, बल्कि एक डाइवर्सिफाइड एनर्जी कंपनी बन गई है। तालबीरा-II और III माइंस में 19.14 MT सालाना उत्पादन और NUPPL घाटमपुर प्लांट की 660 MW की तीनों यूनिट्स के शुरू होने से कंपनी की कैश फ्लो स्थिति काफी मजबूत हुई है। इन नतीजों के दम पर कंपनी अब ₹9,131 करोड़ का भारी-भरकम केपेक्स (Capex) बजट लेकर चल रही है।
Vision 2047 का रोडमैप
मैनेजमेंट ने भविष्य के लिए 20 GW पावर कैपेसिटी और 100 MTPA माइनिंग कैपेसिटी का लक्ष्य रखा है। कंपनी अब सस्टेनेबिलिटी पर फोकस कर रही है, जिसमें बैटरी स्टोरेज सिस्टम (BESS), ग्रीन हाइड्रोजन पायलट प्रोजेक्ट और क्रिटिकल मिनरल्स में एंट्री शामिल है।
ध्यान देने वाली चुनौतियां
भले ही कंपनी तेजी से आगे बढ़ रही है, लेकिन रिन्यूएबल और माइनिंग सेक्टर के बड़े प्रोजेक्ट्स में एग्जीक्यूशन रिस्क बना रहता है। लैंड एक्विजिशन और एनवायरमेंटल क्लीयरेंस में देरी होने पर Vision 2047 के टाइमलाइन पर असर पड़ सकता है।
आगे क्या होगा?
इन्वेस्टर्स को अब कंपनी के ग्रीन हाइड्रोजन और क्रिटिकल मिनरल प्रोजेक्ट्स की प्रोग्रेस पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि यही आने वाले समय में वैल्युएशन को नई उड़ान दे सकते हैं।
