NHPC लिमिटेड को सबनसिरी लोअर हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट से जुड़े एक पुराने विवाद में आर्बिट्रेशन ट्रिब्यूनल से फैसला मिला है। कंपनी को **₹392.31 करोड़** और **15.37 लाख यूरो** का भुगतान करना होगा।
कानूनी विवाद का निपटारा
NHPC लिमिटेड और कॉन्ट्रैक्टर M/s BGS-SGS-SOMA के बीच सबनसिरी लोअर HE प्रोजेक्ट को लेकर चल रहा लंबा विवाद अब एक निष्कर्ष पर पहुंचा है। 2000 MW क्षमता वाले इस प्रोजेक्ट के डायवर्जन टनल और डैम निर्माण को लेकर हुए विवाद में ट्रिब्यूनल ने 1 सितंबर 2026 को अपना फैसला सुनाया। इसमें ₹392.31 करोड़ और 15.37 लाख यूरो की राशि का अवार्ड जारी किया गया है, जिसमें सितंबर 2021 से अगस्त 2026 तक 10% ब्याज भी शामिल है।
निवेशकों के लिए राहत की बात
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह कानूनी बाधा दूर होने से कंपनी के लिए अनिश्चितता खत्म हुई है। मैनेजमेंट ने साफ किया है कि यह पूरा खर्च CERC टैरिफ रेगुलेशंस 2024 के तहत 'अलाउएबल प्रोजेक्ट कॉस्ट' की श्रेणी में आता है, जिससे भविष्य में इसे वसूलना संभव होगा।
आगे का रास्ता और रिस्क
NHPC अब इस खर्च की भरपाई भविष्य में टैरिफ एडजस्टमेंट (Tariff Adjustments) के जरिए करने की योजना बना रही है। हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान रखना होगा कि अगर टैरिफ रिवीजन में देरी होती है या रेगुलेटर की ओर से कोई अड़चन आती है, तो कंपनी के कैश फ्लो पर शॉर्ट-टर्म दबाव पड़ सकता है। आने वाली अर्निंग्स कॉल्स में मैनेजमेंट की ओर से इस रिकवरी टाइमलाइन पर दी गई जानकारी पर मार्केट की नजर रहेगी।
