NHPC ने जून 2026 को समाप्त तिमाही के लिए **19%** बढ़कर **₹3,537 करोड़** का स्टैंडअलोन रेवेन्यू और **4%** बढ़कर **₹1,113 करोड़** का मुनाफा दर्ज किया है। नतीजों में रेगुलेटरी अप्रूवल के इंतजार वाली प्रोविजनल सेल्स भी शामिल हैं।
NHPC लिमिटेड का दमदार प्रदर्शन
NHPC लिमिटेड ने 30 जून, 2026 को समाप्त वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही के लिए अपने नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 19% बढ़कर ₹3,537.04 करोड़ रहा, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹2,977.43 करोड़ था। वहीं, मुनाफा 4% बढ़कर ₹1,113.41 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹1,071.87 करोड़ था।
क्यों अहम हैं ये नतीजे?
ये नतीजे NHPC के लिए एक मजबूत ग्रोथ का संकेत देते हैं, जो बढ़ी हुई ऑपरेशनल कैपेसिटी और बेहतर प्रॉफिटेबिलिटी से प्रेरित है। रेवेन्यू और मुनाफे में यह बढ़ोतरी कंपनी के फाइनेंशियल हेल्थ और ऑपरेशनल एफिशिएंसी को दर्शाती है। हालांकि, प्रोविजनल सेल्स के फाइनल होने पर निवेशकों की नजरें रहेंगी।
क्या है पूरी कहानी?
NHPC अपनी पावर जनरेशन कैपेसिटी बढ़ाने और मौजूदा पावर प्लांट्स को सुचारू रूप से चलाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कंपनी सुबनसिरी लोअर प्रोजेक्ट जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स को चालू करने और तीस्ता-V पावर स्टेशन पर आई बाढ़ जैसी घटनाओं से निपटने के लिए काम कर रही है।
अब क्या बदलेगा?
रिपोर्ट किए गए आंकड़ों में सुबनसिरी लोअर प्रोजेक्ट के लिए ₹574.31 करोड़ और पारबती-II H.E. प्रोजेक्ट के लिए ₹364.42 करोड़ की प्रोविजनल सेल्स शामिल हैं, जिन्हें सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (CERC) से मंजूरी मिलनी बाकी है। यही मंजूरी फाइनल रेवेन्यू तय करेगी।
ऑपरेशनल मोर्चों पर, सुबनसिरी लोअर प्रोजेक्ट की 250 MW की एक यूनिट चालू हो गई है, जिससे इसकी कुल क्षमता 1000 MW हो गई है। इसके अलावा, 510 MW का तीस्ता-V पावर स्टेशन बहाली के कामों के बाद जुलाई 2026 में फिर से कमर्शियल जनरेशन शुरू कर चुका है।
इन जोखिमों पर रखें नजर
यहां सबसे बड़ा जोखिम यह है कि रेवेन्यू का एक महत्वपूर्ण हिस्सा प्रोविजनल है। CERC द्वारा सुबनसिरी और पारबती-II प्रोजेक्ट्स के टैरिफ को अंतिम मंजूरी मिलने के बाद इसमें एडजस्टमेंट की जरूरत पड़ सकती है। जलपावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (JPCL) का NHPC में मर्जर भी एक अहम प्रक्रिया है जिस पर निवेशक नजर रखेंगे।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों को सुबनसिरी और पारबती-II प्रोजेक्ट्स के लिए CERC के अंतिम फैसले पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। जलपावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के NHPC के साथ मर्जर की प्रगति और चालू तथा बहाल किए गए पावर यूनिट्स पर कोई भी नए ऑपरेशनल अपडेट भी महत्वपूर्ण होंगे।
