NHPC के FY26 के नतीजे
NHPC ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में 25% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी के साथ ₹3,766 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। पिछले वित्तीय वर्ष (FY25) में यह आंकड़ा ₹3,007 करोड़ था। कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (Revenue from operations) में भी 12% की शानदार वृद्धि देखी गई, जो ₹10,380 करोड़ से बढ़कर ₹11,615 करोड़ हो गया।
क्या हुआ?
NHPC लिमिटेड ने FY26 के लिए अपने पूरे साल के वित्तीय नतीजों का ऐलान किया है, जिसमें मुनाफे और ऑपरेशनल पैमाने दोनों में ज़बरदस्त ग्रोथ देखने को मिली है। कंपनी ने ₹3,766 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया, जो FY25 के ₹3,007 करोड़ के मुकाबले काफी अधिक है। रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस में भी 12% का हेल्दी उछाल आया, जो FY26 में ₹11,615 करोड़ तक पहुंच गया। इस ग्रोथ का मुख्य कारण बिजली उत्पादन में 16% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी है, जिससे कंपनी ने पूरे वित्तीय वर्ष में 29,619 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन किया। कैपिटल एक्सपेंडिचर (CAPEX) भी पिछले साल के ₹11,596 करोड़ से बढ़कर ₹13,689 करोड़ हो गया।
क्यों मायने रखता है?
यह मजबूत वित्तीय प्रदर्शन NHPC की क्षमता विस्तार योजनाओं के सफल कार्यान्वयन को दर्शाता है, खासकर सुबनसिरी लोअर प्रोजेक्ट में नई यूनिट्स के चालू होने से। बढ़ा हुआ बिजली उत्पादन सीधे तौर पर रेवेन्यू और मुनाफे को बढ़ाता है, जिससे शेयरधारकों को फायदा होता है। भारी CAPEX भविष्य की ग्रोथ और एसेट एन्हांसमेंट पर कंपनी के फोकस को दिखाता है।
पृष्ठभूमि
NHPC भारत का सबसे बड़ा हाइड्रोपावर उत्पादक है और देश के ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कंपनी का प्रदर्शन उसके प्रोजेक्ट एक्ज़ीक्यूशन की क्षमताओं और रेगुलेटरी टैरिफ ऑर्डर्स से गहराई से जुड़ा हुआ है। हाल के वर्षों में, कंपनी नई क्षमताएं जोड़ने और ऑपरेशनल चुनौतियों का प्रबंधन करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
आगे क्या बदलेगा?
सुबनसिरी लोअर प्रोजेक्ट की यूनिट्स के सफलतापूर्वक चालू होने के साथ, NHPC इन नई क्षमताओं का उपयोग रेवेन्यू जनरेशन के लिए करने के लिए तैयार है। कंपनी पारबती-II और सुबनसिरी जैसे प्रमुख प्रोजेक्ट्स के लिए भविष्य के टैरिफ ऑर्डर्स का भी अनुमान लगा रही है। FY27 से लोअर टैक्स रिजीम में बदलाव से पोस्ट-टैक्स प्रॉफिटेबिलिटी में और सुधार होने की उम्मीद है। इंदिरा सागर-ओंकारेश्वर PSP पर निर्माण इस साल शुरू होने वाला है।
ध्यान देने योग्य जोखिम
सकारात्मक नतीजों के बावजूद, NHPC को ऑपरेशनल बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। TLDP-III और TLDP-IV प्रोजेक्ट्स अक्टूबर 2023 में अचानक आई बाढ़ के बाद सिल्ट (गाद) की समस्याओं से प्रभावित हुए, जिससे उनके प्रदर्शन पर असर पड़ा। इसके अलावा, कंपनी ने पारबती-II और सुबनसिरी लोअर प्रोजेक्ट्स के लिए टैरिफ पिटीशन्स में अंडर-रिकवरी (कम वसूली) की सूचना दी है। तीस्ता-V प्रोजेक्ट ने पिछले वित्तीय वर्ष में प्रदर्शन में कोई योगदान नहीं दिया, जो प्रोजेक्ट-विशिष्ट संवेदनशीलताओं को उजागर करता है।
मुख्य मीट्रिक्स (Key Metrics)
- FY'26 रेवेन्यू: ₹11,615 करोड़ (FY'25 में ₹10,380 करोड़ की तुलना में)
- FY'26 PAT: ₹3,766 करोड़ (FY'25 में ₹3,007 करोड़ की तुलना में)
- FY'26 बिजली उत्पादन: 29,619 MU (FY'25 में 25,548 MU की तुलना में)
- FY'26 CAPEX: ₹13,689 करोड़ (FY'25 में ₹11,596 करोड़ की तुलना में)
- Q4 FY'26 PAT: ₹1,460 करोड़ (Q4 FY'25 में ₹854 करोड़ की तुलना में)
आगे क्या देखें?
निवेशक इस तिमाही में अपेक्षित पारबती-II प्रोजेक्ट के लिए फाइनल टैरिफ ऑर्डर्स पर बारीकी से नज़र रखेंगे। इंदिरा सागर-ओंकारेश्वर PSP के निर्माण की प्रगति और सुबनसिरी लोअर प्रोजेक्ट के लिए सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (CERC) से किसी भी अंतरिम टैरिफ ऑर्डर पर भी महत्वपूर्ण संकेतक होंगे।
