NHPC लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने अब तक की सबसे अधिक **1,850 मेगावाट** क्षमता जोड़ी है और कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट बढ़कर **₹4,220.46 करोड़** हो गया है। यह मजबूत प्रदर्शन निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
NHPC ने FY26 में क्षमता वृद्धि और वित्तीय प्रदर्शन का रिकॉर्ड बनाया
NHPC लिमिटेड ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपने वित्तीय और परिचालन के मुख्य बिंदु घोषित किए हैं। कंपनी ने ₹4,220.46 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले वर्ष के ₹3,411.73 करोड़ की तुलना में काफी अधिक है।
रीडर टेकअवे: क्षमता वृद्धि और मुनाफे में रिकॉर्ड बढ़ोतरी कंपनी के मजबूत परिचालन निष्पादन और सकारात्मक भविष्य के दृष्टिकोण का संकेत देते हैं।
क्या हुआ खास?
NHPC ने FY 2025-26 के लिए ₹10,328.26 करोड़ का स्टैंडअलोन रेवेन्यू और ₹3,617.80 करोड़ का स्टैंडअलोन प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) रिपोर्ट किया। कंसोलिडेटेड PAT ₹4,220.46 करोड़ रहा। कंपनी ने एक ही वित्तीय वर्ष में रिकॉर्ड 1,850 MW क्षमता भी जोड़ी, जिसमें सुबनसिरी लोअर (750 MW), परबती-II (800 MW) और करनाईसर सोलर (300 MW) प्रोजेक्ट्स का चालू होना शामिल है। वार्षिक उत्पादन 23,307 मिलियन यूनिट तक पहुंच गया।
यह क्यों मायने रखता है?
यह मजबूत प्रदर्शन, विशेष रूप से रिकॉर्ड क्षमता जोड़ना और मुनाफे में वृद्धि, NHPC की विस्तार योजनाओं के प्रभावी निष्पादन को दर्शाता है। कंपनी की रणनीतिक प्रोजेक्ट पाइपलाइन और सफल फंड जुटाना भविष्य के विकास के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है, जो शेयरधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य निर्माण के लिए महत्वपूर्ण है।
पिछली कहानी
पिछले वित्तीय वर्ष में, NHPC का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹3,411.73 करोड़ था, और स्टैंडअलोन PAT ₹3,083.98 करोड़ था। इस वित्तीय वर्ष के जुड़ने से पहले कंपनी की कुल स्थापित क्षमता 7,401 MW थी। चालू वित्तीय वर्ष में महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पूरा होने से इसकी परिचालन क्षमता बढ़ी है।
अब क्या बदलेगा?
कंपनी के बोर्ड ने FY 2025-26 के लिए ₹10,000 करोड़ तक फंड जुटाने की मंजूरी दे दी है। यह पूंजी इसके कैपिटल एक्सपेंडिचर (CAPEX) प्रोग्राम का समर्थन करेगी। NHPC ने पहले ही टर्म लोन के माध्यम से ₹3,854.33 करोड़ और नॉन-कन्वर्टिबल बॉन्ड के जरिए ₹3,945 करोड़ जुटाए हैं।
ध्यान देने योग्य जोखिम
निवेशकों को 1720 MW कमला हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट और 3097 MW एटालीन हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट जैसे बड़े अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स के निष्पादन पर नजर रखनी चाहिए। इन प्रोजेक्ट्स का सफल समापन और समय पर चालू होना कंपनी के महत्वाकांक्षी विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण है। CAPEX को फंड करने के लिए पूंजी का कुशलतापूर्वक प्रबंधन एक प्रमुख फोकस बना हुआ है।
साथियों से तुलना
NHPC पावर जनरेशन सेक्टर में काम करती है, मुख्य रूप से हाइड्रो और अब सोलर में। इसकी क्षमता वृद्धि और वित्तीय परिणामों को भारतीय पावर सेक्टर में अन्य पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स (PSUs) और निजी खिलाड़ियों के संदर्भ में देखा जाना चाहिए, जिसमें विकास दर और परिचालन दक्षता पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
प्रासंगिक मेट्रिक्स
- FY 2025-26 के लिए कंसोलिडेटेड कुल आय: ₹12,686.09 करोड़।
- FY 2025-26 के लिए कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट: ₹4,220.46 करोड़।
- FY 2025-26 के लिए स्टैंडअलोन PAT: ₹3,617.80 करोड़ (YoY 17.31% बढ़ा)।
- प्रति शेयर घोषित डिविडेंड: ₹1.61।
- कुल स्थापित क्षमता (जोड़ के बाद): 9,251 MW (7,401 MW + 1,850 MW)।
आगे क्या देखना है?
निवेशक NHPC के निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स की प्रगति और CAPEX योजनाओं के लिए पूंजी जुटाने की कंपनी की निरंतर क्षमता को देखना चाहेंगे। कंपनी के उत्पादन आंकड़ों और नई प्रोजेक्ट पाइपलाइन में किसी भी अपडेट पर नज़र रखना महत्वपूर्ण होगा।
