NHPC Limited की 50वीं AGM में शेयरधारकों ने कंपनी के भविष्य के प्रोजेक्ट्स के लिए कर्ज लेने की सीमा को ₹60,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹70,000 करोड़ करने पर अपनी मुहर लगा दी है।
भारी भरकम प्रोजेक्ट्स के लिए मिली मंजूरी
NHPC Limited ने अपनी 50वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में बड़े वित्तीय फैसले लिए हैं। कंपनी ने अपनी उधार लेने की सीमा (Borrowing Limit) को मौजूदा ₹60,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹70,000 करोड़ कर दिया है। 28 अगस्त, 2026 को हुई इस बैठक में फाइनेंशियल ईयर 2026 के ऑडिटेड स्टेटमेंट्स और डिविडेंड डिक्लेरेशन को भी आधिकारिक मंजूरी मिल गई है।
क्यों अहम है यह फैसला?
NHPC एक कैपिटल-इंटेंसिव सेक्टर में काम करती है, जहां बड़े हाइड्रोइलेक्ट्रिक और रिन्यूएबल पावर प्रोजेक्ट्स के लिए भारी निवेश की जरूरत होती है। यह ₹10,000 करोड़ की अतिरिक्त कर्ज सीमा कंपनी के मैनेजमेंट को भविष्य में फंड की कमी से बचाएगी और बिना बार-बार शेयरधारकों की मंजूरी लिए प्रोजेक्ट्स को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद करेगी।
लीडरशिप में बदलाव
AGM में केवल वित्तीय फैसले ही नहीं, बल्कि कई बड़े प्रशासनिक बदलाव भी हुए। शेयरधारकों ने श्री संजय कुमार सिंह की डायरेक्टर (प्रोजेक्ट्स) के तौर पर दोबारा नियुक्ति को हरी झंडी दे दी है। साथ ही, CMD श्री भूपेंद्र गुप्ता और डायरेक्टर (फाइनेंस) श्री महेश कुमार शर्मा समेत कई अहम पदों पर नियुक्तियों को औपचारिक रूप दिया गया है।
निवेशकों के लिए जोखिम और आगे की राह
बेशक यह फैसला कंपनी के विस्तार के लिए अच्छा है, लेकिन निवेशकों को यह ध्यान रखना होगा कि इससे आने वाली तिमाहियों में कंपनी के Debt-to-Equity Ratio पर असर पड़ सकता है। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि कंपनी इस कर्ज का उपयोग कितनी कुशलता से रेवेन्यू जनरेट करने वाले एसेट्स में करती है। ई-वोटिंग के नतीजे अगले दो दिनों में आने की उम्मीद है, जो इस प्रक्रिया को पूरी तरह स्पष्ट कर देंगे।
