नेशनल एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (NALCO) और NLC इंडिया लिमिटेड ने मिलकर 1,080 MW का कैप्टिव पावर प्लांट लगाने के लिए 50:50 की ज्वाइंट वेंचर (JV) बनाई है। यह प्लांट ओडिशा में NALCO के 0.5 MTPA एल्युमीनियम स्मेल्टर विस्तार प्रोजेक्ट को बिजली देगा।
NALCO और NLC India ने मिलाया हाथ
नेशनल एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (NALCO) और NLC इंडिया लिमिटेड (NLCIL) ने 1,080 MW का थर्मल कैप्टिव पावर प्लांट स्थापित करने के लिए एक ज्वाइंट वेंचर (JV) समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह JV 50:50 इक्विटी पार्टनरशिप पर आधारित होगी और ओडिशा के अंगुल जिले में स्थापित की जाएगी।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
यह कदम NALCO के 0.5 MTPA एल्युमीनियम स्मेल्टर विस्तार प्रोजेक्ट के लिए बेहद अहम है, क्योंकि यह प्लांट विस्तार के लिए एक समर्पित और स्थिर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करेगा। इस JV के तहत, NALCO को 25 साल की अवधि के लिए उत्पन्न बिजली का 100% ऑफटेक मिलेगा, जो पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) के तहत होगा।
पर्दे के पीछे की कहानी
NALCO और NLCIL दोनों ही सरकारी कंपनियां हैं। यह सौदा कंपनी अधिनियम, 2013 और SEBI (LODR) रेगुलेशंस, 2015 के तहत संबंधित पार्टी ट्रांजेक्शन नियमों से छूट प्राप्त है। इस समझौते में कोयला आपूर्ति के लिए NLCIL के साथ एक फ्यूल सप्लाई एग्रीमेंट (FSA) भी शामिल है, जिसके तहत कोयला कोल इंडिया की अधिसूचित कीमतों पर मिलेगा।
अब क्या बदलेगा?
इस JV के गठन से NALCO के विस्तार प्रोजेक्ट के लिए बिजली की उपलब्धता का जोखिम कम हो जाएगा। इसका उद्देश्य ऊर्जा लागत को स्थिर करना और परिचालन के लिए पूरी तैयारी सुनिश्चित करना है। JV 200-250 MW की फर्म रिन्यूएबल एनर्जी (RE-RTC) क्षमता का पता लगाने की भी योजना बना रही है।
ध्यान देने योग्य जोखिम
निवेशकों को JV के निर्माण की समय-सीमा और JVC के सफल गठन पर नज़र रखनी चाहिए। किसी भी तरह की देरी से स्मेल्टर विस्तार कार्यक्रम प्रभावित हो सकता है।
