Mega Nirman and Industries ने Safexpress के साथ एक मास्टर EV चार्जिंग सर्विस एग्रीमेंट साइन किया है। इस डील के तहत कंपनी 'MEGACHARGE' इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़े पैमाने पर रोलआउट करेगी, जिसमें प्रति साइट **10 साल** का टेन्योर और मिनिमम कंजम्पशन गारंटी शामिल है।
बड़ी साझेदारी की इनसाइड स्टोरी
Mega Nirman and Industries Ltd ने लॉजिस्टिक्स दिग्गज Safexpress Private Limited के साथ हाथ मिलाया है। इस मास्टर एग्रीमेंट के तहत, Mega Nirman अब 'Charge Point Operator' (CPO) की भूमिका में होगा। कंपनी अपने 'MEGACHARGE' ब्रांड के तहत EV चार्जिंग स्टेशनों को इंस्टॉल, ऑपरेट और मेंटेन करेगी। यह डील आगरा की पुरानी डील को रिप्लेस करते हुए अब एक बड़े और स्केलेबल फ्रेमवर्क में तब्दील हो गई है।
इस डील के मुख्य फीचर्स:
- एक्सक्लूसिविटी: Safexpress और उसके वेंडर्स अब तय साइट्स पर केवल Mega Nirman के चार्जर्स का ही इस्तेमाल करेंगे।
- मार्जिन प्रोटेक्शन: डिमांड रिस्क को कम करने के लिए, Safexpress ने एक मिनिमम मंथली कंजम्पशन लेवल पर सहमति जताई है। अगर इस्तेमाल कम भी होता है, तब भी कंपनी को अपना मार्जिन मिलता रहेगा।
- प्राइजिंग मॉडल: ऑपरेशंस प्रीपेड आधार पर होंगे, जिसमें एनर्जी कॉस्ट और कंपनी का सर्विस मार्जिन शामिल है।
- फास्ट कमीशनिंग: किसी भी साइट को अप्रूव किए जाने के बाद, Mega Nirman को 60 दिनों के भीतर चार्जिंग स्टेशन को चालू करना होगा।
रिस्क और निवेशकों के लिए नजरिया
चूंकि इस एग्रीमेंट में कोई फिक्स्ड ऑर्डर वैल्यू नहीं है, इसलिए कंपनी का रेवेन्यू पूरी तरह से साइट्स के एग्जीक्यूशन और उनके इस्तेमाल पर निर्भर करेगा। किसी भी साइट एग्रीमेंट को 90 दिनों के नोटिस पर खत्म भी किया जा सकता है, जो एक ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी है जिसे मॉनिटर करना जरूरी है।
इन्वेस्टर्स को अब यह देखना चाहिए कि कंपनी कितनी तेजी से नई साइट्स तैयार कर रही है और उन साइट्स का यूटिलाइजेशन कैसा है।
