Mangalore Refinery and Petrochemicals Ltd (MRPL) ने एक बड़ी कानूनी जीत हासिल की है। कर्नाटक हाईकोर्ट ने CENVAT क्रेडिट से जुड़े एक पुराने विवाद में कंपनी के पक्ष में फैसला सुनाया है।
कानूनी मोर्चे पर राहत
कर्नाटक हाईकोर्ट, बेंगलुरु ने रेवेन्यू विभाग द्वारा Mangalore Refinery and Petrochemicals Ltd (MRPL) के खिलाफ दायर अपील को खारिज कर दिया है। यह मामला 2010 से 2014 के बीच के CENVAT क्रेडिट की पात्रता से संबंधित था। कोर्ट ने CESTAT बेंगलुरु के उस फैसले को बरकरार रखा है, जिसमें कंपनी को राहत दी गई थी।
क्या था पूरा विवाद?
यह सारा मामला प्लांट और मशीनरी के वर्गीकरण (classification) से जुड़ा हुआ था। अथॉरिटीज का तर्क था कि चूंकि ये उपकरण जमीन में जुड़े हुए हैं, इसलिए इन्हें अचल संपत्ति माना जाएगा और ये CENVAT क्रेडिट के योग्य नहीं हैं। हालांकि, कोर्ट के इस फैसले ने अब इस पुराने विवाद पर पूर्ण विराम लगा दिया है।
निवेशकों के लिए क्या है मायने?
कंपनी ने साफ कर दिया है कि इस कोर्ट ऑर्डर का कंपनी के फाइनेंशियल बैलेंस शीट पर कोई भी नेगेटिव असर नहीं पड़ेगा। चूंकि ट्रिब्यूनल स्तर पर फैसला पहले ही कंपनी के पक्ष में था, इसलिए कोई भी टैक्स डिमांड सक्रिय नहीं थी। इस फैसले के बाद अब आगे की किसी भी कानूनी कार्रवाई की संभावना खत्म हो गई है, जिससे कंपनी के लिए रेगुलेटरी अनिश्चितता दूर हो गई है।
