Larsen & Toubro ने Nabha Power को ₹3,632 करोड़ में बेचा, Torrent Power बनी नई मालकिन

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AuthorAditya Rao|Published at:
Larsen & Toubro ने Nabha Power को ₹3,632 करोड़ में बेचा, Torrent Power बनी नई मालकिन

Larsen & Toubro (L&T) ने अपनी सब्सिडियरी Nabha Power Limited (NPL) को Torrent Power को ₹3,632.35 करोड़ में बेच दिया है। यह डील L&T की कैपिटल रीसाइक्लिंग और पावर जनरेशन एसेट्स से बाहर निकलने की रणनीति का एक अहम हिस्सा है।

Larsen & Toubro ने Nabha Power ₹3,632 करोड़ में बेची

Larsen & Toubro Limited (L&T) ने अपनी पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी Nabha Power Limited (NPL) को Torrent Power Limited को ₹3,632.35 करोड़ में बेच दिया है। यह सौदा 25 जून, 2026 से प्रभावी है, जिसके बाद NPL अब L&T Power Development Limited और L&T की सब्सिडियरी नहीं रहेगी।

पाठकों के लिए खास: विनिवेश से भारी पूंजी का प्रवाह; मामूली प्रेफरेंस शेयरहोल्डिंग बरकरार।

क्या हुआ?

Larsen & Toubro (L&T) ने अपनी सब्सिडियरी Nabha Power Limited (NPL) का Torrent Power Limited को सफल विनिवेश पूरा कर लिया है। Securities Purchase Agreement के तहत हुए इस सौदे का मूल्य ₹3,632.35 करोड़ है। 25 जून, 2026 से NPL, L&T Power Development Limited और पैरेंट कंपनी की सब्सिडियरी नहीं रही।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

यह विनिवेश L&T की रणनीतिक कैपिटल रीसाइक्लिंग पहल का एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे कंपनी को ₹3,632.35 करोड़ का बड़ा कैश इनफ्लो मिलेगा, जिससे उसका बैलेंस शीट मजबूत होगा। यह कदम L&T को सीधे पावर जनरेशन के कारोबार से बाहर निकलने में मदद करेगा और कंपनी को अपने मुख्य कारोबार पर ध्यान केंद्रित करने का मौका देगा।

पूरी कहानी

Larsen & Toubro Limited भारत की एक बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी है जो इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) प्रोजेक्ट्स, मैन्युफैक्चरिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज में सक्रिय है। Nabha Power Limited पंजाब में एक थर्मल पावर प्लांट चलाती है। इस विनिवेश के लिए शुरुआती समझौता 16 फरवरी, 2026 को हुआ था।

अब क्या बदलेगा?

बिक्री पूरी होने के साथ, L&T ने Nabha Power Limited के ऑपरेशनल मैनेजमेंट से खुद को अलग कर लिया है। कंपनी को ₹3,632.35 करोड़ का कैश इनफ्लो प्राप्त होगा। हालांकि, L&T PDL NPL में 2,32,50,00,000 यूनिट की 0.1% नॉन-कनवर्टिबल रिडीमेबल प्रेफरेंस शेयर्स (Non-Convertible Redeemable Preference Shares) के जरिए एक छोटा वित्तीय हित बनाए रखेगी, जिसका मूल्य NPL की किताबों में 31 मार्च, 2026 तक ₹157.92 करोड़ था।

ध्यान रखने योग्य जोखिम

हालांकि यह ट्रांजैक्शन पूरा हो चुका है, निवेशकों को यह देखना होगा कि L&T इस बिक्री से प्राप्त बड़ी रकम का उपयोग कैसे करती है। जो प्रेफरेंस शेयर्स कंपनी ने रखे हैं, वे भले ही गैर-नियंत्रित हों, लेकिन वे बेची गई संपत्ति में कंपनी की वित्तीय भागीदारी को दर्शाते हैं।

साथियों से तुलना

भारत में Reliance Industries और Adani Group जैसी कई बड़ी कंपनियाँ विविध क्षेत्रों में काम करती हैं। L&T की यह रणनीति, जिसमें गैर-प्रमुख या पूंजी-गहन संपत्तियों को बेचकर मुख्य ताकतों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है, भारत की बड़ी कंपनियों के लिए अपने बिजनेस स्ट्रक्चर को ऑप्टिमाइज़ करने का एक आम तरीका है।

महत्वपूर्ण आँकड़े

  • विनिवेश मूल्य: ₹3,632.35 करोड़
  • प्रभावी तिथि: 25 जून, 2026
  • पिछली घोषणा तिथि: 16 फरवरी, 2026
  • बनाए रखे गए प्रेफरेंस शेयर का मूल्य (NPL की किताबों के अनुसार): ₹157.92 करोड़ (31 मार्च, 2026 तक)

आगे क्या देखें

निवेशक ₹3,632.35 करोड़ की रकम के उपयोग पर बारीकी से नज़र रखेंगे। इसके अलावा, भविष्य की वित्तीय रिपोर्टिंग में रखे गए प्रेफरेंस शेयर्स के अकाउंटिंग ट्रीटमेंट और उनके प्रदर्शन पर भी ध्यान दिया जाएगा।

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