Kotyark Industries ने Q2 FY27 के लिए बेहतरीन नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर **₹6.24 करोड़** पर पहुंच गया है, जो पिछले साल इसी तिमाही में **₹2.52 करोड़** था। हालांकि रेवेन्यू में मामूली गिरावट आई है, लेकिन बेहतर इन्वेंट्री मैनेजमेंट के दम पर मार्जिन में जोरदार सुधार हुआ है।
मार्जिन में सुधार और प्रॉफिट का गणित
कंपनी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने EBITDA मार्जिन को 12.99% से बढ़ाकर 20.72% तक पहुंचा दिया है। इसका सबसे बड़ा कारण कम कीमत वाले कच्चे माल (Raw Material) का सही इस्तेमाल है। कंपनी का रेवेन्यू भले ही ₹61.27 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹64.86 करोड़ से थोड़ा कम है, लेकिन प्रॉफिटेबिलिटी पर कंपनी की पकड़ मजबूत हुई है।
भविष्य की योजनाएं और ऑर्डर बुक
मैनेजमेंट ने अगले तीन सालों में 25-30% की रेवेन्यू CAGR हासिल करने का लक्ष्य रखा है। फिलहाल कंपनी के पास ₹233.45 करोड़ की मजबूत ऑर्डर बुक है, जिसमें बड़ा हिस्सा सरकारी ऑइल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) का है।
बड़ा चैलेंज: कैपेसिटी यूटिलाइजेशन
कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता (Capacity Utilization) को बढ़ाने की है, जो फिलहाल 7-8% के निचले स्तर पर है। कंपनी इसे आने वाले समय में 60-70% तक ले जाने की कोशिश कर रही है।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks to watch)
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि मार्जिन की स्थिति कच्चे माल की कीमतों पर निर्भर करती है, जो अस्थिर हो सकती हैं। साथ ही, कंपनी की कमाई का बड़ा हिस्सा OMCs के टेंडर साइकिल पर निर्भर है। राजस्थान और गुजरात प्लांट में कैपेसिटी यूटिलाइजेशन में सुधार ही आने वाले समय में स्टॉक की दिशा तय करेगा।
