Kotyark Industries ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें स्टैंडअलोन रेवेन्यू **₹84.92 करोड़** दर्ज किया गया है। कंपनी ने हाल ही में **10:1** के रेशियो में बोनस शेयर जारी किए और दो सब्सिडियरी कंपनियों में अपनी **55%** हिस्सेदारी बेची है, हालांकि कानूनी विवाद अभी भी सिरदर्द बने हुए हैं।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
Kotyark Industries का स्टैंडअलोन रेवेन्यू पिछले साल की समान तिमाही के ₹76.74 करोड़ से बढ़कर इस बार ₹84.92 करोड़ पर पहुंच गया है। वहीं, कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट ₹3.84 करोड़ रहा। कंपनी ने अपनी ऑपरेशनल रीस्ट्रक्चरिंग के तहत Asia Bio Fuels LLP और Parth Renewable Energy LLP से 1 अप्रैल, 2026 को बाहर निकलने का फैसला लिया है।
बोनस शेयर और लिक्विडिटी
शेयरधारकों के लिए बड़ी खबर यह है कि कंपनी ने 10:1 के रेशियो में बोनस शेयर इश्यू पूरा कर लिया है, जिससे मार्केट में 10.27 करोड़ से ज्यादा नए इक्विटी शेयर जुड़ गए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य स्टॉक की लिक्विडिटी को बढ़ाना है।
क्या है कानूनी संकट?
नतीजों के साथ ही कंपनी ने कानूनी चुनौतियों का जिक्र भी किया है। राजस्थान स्थित स्वरूपगंज यूनिट में अधिकारियों ने रॉ मटीरियल (Veg Ester) से भरे चार स्टोरेज टैंक सीज कर रखे हैं। साथ ही, कंपनी के एक डायरेक्टर के खिलाफ क्रिमिनल प्रोसीडिंग्स चल रही हैं।
हालांकि, राजस्थान हाई कोर्ट ने अगस्त 2025 में कंपनी को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के साथ अपनी सप्लाई कमिटमेंट जारी रखने की अनुमति दी थी। कंपनी ने अपनी बैलेंस शीट में सीज किए गए इन्वेंट्री को अभी भी बरकरार रखा है और उन्हें मामले के समाधान की उम्मीद है। निवेशकों को सलाह है कि वे कोर्ट के फैसलों और रेगुलेटरी अपडेट्स पर पैनी नजर रखें क्योंकि इनका सीधा असर कंपनी के प्रोडक्शन और भविष्य के कामकाज पर पड़ सकता है।
