रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की दिग्गज कंपनी KPI Green Energy ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। कंपनी ने जून-अगस्त तिमाही के दौरान **630 MW DC** से अधिक की क्षमता को एनर्जाइज (energize) किया है, जो इसके पिछले **17 वर्षों** के कुल काम (**533 MW DC**) से भी ज्यादा है।
प्रोजेक्ट्स की रफ्तार में भारी उछाल
KPI Green Energy ने हाल ही में अपने IPP (Independent Power Producer) और EPC/CPP सेगमेंट में जबरदस्त तेजी दिखाते हुए 630 MW DC से ज्यादा की क्षमता हासिल की है। यह कंपनी के इतिहास का सबसे तेज कैपेसिटी एडिशन है।
क्यों है यह माइलस्टोन खास?
अब तक कंपनी ने जो क्षमता 17 वर्षों में हासिल की थी, उसे महज 3 महीनों में पार कर लेना एक बड़ा ऑपरेशनल शिफ्ट दिखाता है। इससे साफ है कि कंपनी ने अब अपने सप्लाई चेन और इंफ्रास्ट्रक्चर को काफी मजबूत कर लिया है। कंपनी का लक्ष्य साल 2030 तक 10 GW की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता हासिल करना है।
मैनेजमेंट का विजन
KPI Green Energy के चेयरमैन और MD, डॉ. फारूक जी. पटेल का मानना है कि इस तेजी से कंपनी की एन्युटी (annuity) इनकम बढ़ेगी और भारत के एनर्जी ट्रांजिशन लक्ष्यों में भी बड़ा योगदान मिलेगा।
निवेशकों के लिए चेतावनी (Risks to watch)
हालांकि यह प्रदर्शन शानदार है, लेकिन निवेशकों को यह देखना होगा कि क्या यह गति बरकरार रह पाएगी या फिर यह महज कुछ प्रोजेक्ट्स के एक साथ पूरे होने का नतीजा है। आने वाली तिमाही नतीजों में कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी और मार्जिन पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा।
