ICRA ने KPI Green Energy लिमिटेड के बैंक फैसिलिटी और NCDs की क्रेडिट रेटिंग को बरकरार रखा है। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में शानदार ग्रोथ दिखाई है, हालांकि भारी कर्ज लेकर किए जा रहे प्रोजेक्ट्स को लेकर निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
रेटिंग में क्या है खास?
ICRA ने KPI Green Energy के लॉन्ग-टर्म फंड-बेस्ड फैसिलिटीज को [ICRA]A (Stable) रेटिंग दी है, जिसमें ₹4,937.61 करोड़ की राशि शामिल है। वहीं, कंपनी के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) को [ICRA]AA+ (CE) (Stable) रेटिंग दी गई है। यह रेटिंग कंपनी की बेहतर फाइनेंशियल सेहत और कर्ज चुकाने की क्षमता को दर्शाती है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में जबरदस्त प्रदर्शन किया है। KPI Green Energy का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल के ₹1,736.8 करोड़ से बढ़कर ₹2,695.9 करोड़ पर पहुंच गया है। कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट (OPBDITA) ₹957.8 करोड़ रहा और मार्जिन बढ़कर 35.5% पर पहुंच गया है।
जोखिम और सतर्कता
भले ही आंकड़े मजबूत हैं, लेकिन ICRA ने कुछ जरूरी जोखिमों की तरफ इशारा किया है। कंपनी अपनी 1.2 GW की IPP (Independent Power Producer) और BESS (Battery Energy Storage System) पाइपलाइन के लिए भारी मात्रा में कर्ज ले रही है। निवेशकों के लिए 'Debt-to-Equity' रेश्यो पर नजर रखना बहुत जरूरी हो गया है। साथ ही, गुजरात में प्रोजेक्ट्स की निर्भरता और वर्किंग कैपिटल की अधिक जरूरत भी कंपनी के लिए चुनौती बनी रह सकती है।
आगे क्या होगा?
अब निवेशकों की नजर कंपनी के ₹4,700 करोड़ के ऑर्डर बुक को समय पर पूरा करने पर होनी चाहिए। अगर कंपनी बिना किसी लागत ओवररन (Cost Overrun) के अपने प्रोजेक्ट्स को पूरा करती है, तो मौजूदा रेटिंग स्टेबल बनी रहेगी।
