KPI Green Energy ने अपने 2.57 GWp पोर्टफोलियो में से 1.16 GWp की क्षमता चालू कर दी है। कंपनी ने 50 MW का हाइब्रिड प्रोजेक्ट तय समय से पहले पूरा किया और GUVNL के साथ 565 MW/1130 MWh के बड़े स्टोरेज एग्रीमेंट पर मुहर लगाई है।
प्रोजेक्ट्स की रफ्तार
कंपनी ने अपने 2.57 GWp के इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर (IPP) पोर्टफोलियो का अपडेट जारी किया है। इसमें से 1.16 GWp की कैपेसिटी अब पूरी तरह ऑपरेशनल है, जबकि 1.41 GWp पर काम तेजी से जारी है। खास बात यह है कि 200 MW/240 MWp का खावड़ा सोलर प्रोजेक्ट पूरी तरह चालू हो चुका है और 50 MW का हाइब्रिड प्रोजेक्ट तय समय से पहले ग्रिड के साथ सिंक्रोनाइज कर दिया गया है।
स्टोरेज मार्केट में कदम
KPI Green Energy ने अब अपनी सब्सिडियरी कंपनी, Sun Drops Energia Limited के जरिए बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) के मार्केट में बड़ी एंट्री ली है। GUVNL के साथ 565 MW / 1130 MWh की डील कंपनी के रिवेन्यू को डायवर्सिफाई करने और ग्रिड स्टेबिलिटी में बड़ी भूमिका निभाने की रणनीति का हिस्सा है।
निवेशकों के लिए अहम संकेत
लगातार प्रोजेक्ट्स को कंस्ट्रक्शन फेज से ऑपरेशनल फेज में बदलना कंपनी के लिए एग्जीक्यूशन रिस्क को कम करता है और कैश फ्लो को प्रिडिक्टेबल बनाता है। हालांकि, निवेशकों को 300 MW के विंड IPP प्रोजेक्ट पर नजर रखनी चाहिए, जिसके PPA पर काम अभी बाकी है। किसी भी तरह की देरी से इसके फाइनेंशियल क्लोजर पर असर पड़ सकता है।
आगे क्या?
आने वाले समय में कंपनी के बाकी पाइपलाइन प्रोजेक्ट्स की कमर्शियल ऑपरेशन डेट (COD) और बैटरी स्टोरेज सिस्टम के इंस्टॉलेशन अपडेट पर मार्केट की निगाहें टिकी रहेंगी।
