Jupiter Wagons ने अपनी सब्सिडियरी JEM Energy के जरिए रिन्यूएबल सेक्टर में बड़ी एंट्री ली है। कंपनी को उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल में **2** बड़े बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) प्रोजेक्ट्स मिले हैं, जिसकी वैल्यू करीब **₹100 करोड़** है।
ग्रीन एनर्जी की ओर नई उड़ान
Jupiter Wagons Limited (JWL) ने रेलवे मैन्युफैक्चरिंग से हटकर ग्रीन एनर्जी सेक्टर में कदम बढ़ाते हुए अपनी एनर्जी आर्म JEM Energy के जरिए धाक जमाई है। कंपनी उत्तराखंड में 41 MW/102.5 MWh का प्रोजेक्ट और पश्चिम बंगाल में 50 MW/200 MWh का BESS प्रोजेक्ट हासिल करने में सफल रही है। उत्तराखंड के इस प्रोजेक्ट की कीमत ही करीब ₹100 करोड़ है।
क्यों है यह डील खास?
ये प्रोजेक्ट सरकार के 'ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज-III' का हिस्सा हैं। इस कदम से कंपनी न केवल अपने बिजनेस को डाइवर्सिफाई कर रही है, बल्कि हाई-मार्जिन वाले रिन्यूएबल सेक्टर में अपनी जगह पक्की कर रही है।
भविष्य का रोडमैप और लक्ष्य
मैनेजमेंट ने वित्त वर्ष 2027 (FY27) तक एनर्जी डिवीजन के लिए ₹1,000 करोड़ की ऑर्डर बुक का बड़ा लक्ष्य रखा है। कंपनी का अनुमान है कि JEM Energy का EBITDA FY27 की तीसरी तिमाही तक पॉजिटिव हो जाएगा और FY28 तक यह डिवीजन पूरी तरह मुनाफे में आ जाएगा।
निवेशकों के लिए चेतावनी (Risks)
हालाँकि ये खबर पॉजिटिव है, लेकिन एनर्जी स्टोरेज जैसे तकनीकी बिजनेस में सफल होने के लिए कुशल एक्जीक्यूशन जरूरी है। निवेशकों को प्रोजेक्ट्स के दौरान आने वाली संभावित लागत (cost overruns) और ग्रिड कनेक्टिविटी में देरी जैसी चुनौतियों पर नजर रखनी चाहिए।
