JSW Energy लिमिटेड ने 300 MW का थर्मल पावर प्लांट खरीदने का एक बड़ा सौदा किया है। कंपनी ने Maruti Clean Coal and Power (MCCPL) को **₹1,410 करोड़** में अधिग्रहित किया है। इस डील से JSW Energy के **2030** तक **30 GW** क्षमता हासिल करने के लक्ष्य को बल मिलेगा और कंपनी की कमाई में भी बढ़ोतरी की उम्मीद है।
JSW Energy का कोयले से बिजली बनाने वाला बड़ा निवेश
JSW Energy, भारत की अग्रणी पावर कंपनियों में से एक, ने Maruti Clean Coal and Power Limited (MCCPL) में 100% हिस्सेदारी खरीदने के लिए एक पक्का सौदा किया है। इस पूरे सौदे का एंटरप्राइज वैल्यू ₹1,410 करोड़ आंका गया है। MCCPL छत्तीसगढ़ के कोरबा में 300 MW का एक चालू थर्मल पावर प्लांट चलाती है।
क्यों अहम है ये डील?
यह अधिग्रहण JSW Energy के लिए एक रणनीतिक कदम है। कंपनी अपनी पावर जनरेशन कैपेसिटी को बढ़ाना चाहती है और इस डील से उसके 2030 तक 30 GW का लक्ष्य पूरा करने की राह आसान होगी। इस सौदे से कंपनी के EBITDA और PAT (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) में तुरंत बढ़ोतरी होने की उम्मीद है, साथ ही कंपनी का नेट लीवरेज भी कम होगा।
'खरीदो' की रणनीति पर JSW Energy
JSW Energy अपनी ग्रोथ के लिए 'बिल्ड वर्सेस बाय' यानी खुद प्लांट बनाने या तैयार प्लांट खरीदने की रणनीति पर चल रही है। यह अधिग्रहण इसी 'बाय' रणनीति का हिस्सा है, जिससे कंपनी के पोर्टफोलियो में एक महत्वपूर्ण चालू एसेट जुड़ गया है।
प्लांट की क्षमता में कितना इजाफा?
इस अधिग्रहण के पूरा होने के बाद, JSW Energy की कुल थर्मल कैपेसिटी बढ़कर 5,958 MW हो जाएगी। वहीं, उसकी कुल लॉक-इन थर्मल कैपेसिटी 10,958 MW तक पहुंच जाएगी। MCCPL के इस प्लांट के पास राजस्थान डिस्कॉम्स के साथ 195 MW के लिए एक लॉन्ग-टर्म पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) है, जो अगले करीब 14 सालों तक कंपनी के लिए स्थिर कमाई का जरिया बनेगा।
किन मंजूरियों का इंतजार?
इस सौदे को अंतिम रूप देने के लिए कई तरह की मंजूरियों की जरूरत होगी। इनमें रेगुलेटरी क्लीयरेंस, छत्तीसगढ़ सरकार से जमीन के हस्तांतरण की मंजूरी और मौजूदा लेंडर्स (कर्जदाताओं) की सहमति शामिल है। इस डील को पूरा करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई, 2026 तय की गई है।
कंपनी का पिछला प्रदर्शन
आंकड़ों के मुताबिक, MCCPL ने फाइनेंशियल ईयर 2023-24 में ₹789 करोड़ का रेवेन्यू और फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में (ऑडिटेड) ₹754 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया था। वहीं, फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में (अन-ऑडिटेड) इस प्लांट से ₹279 करोड़ के EBITDA उत्पन्न होने का अनुमान है।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशक अब इस बात पर नजर रखेंगे कि JSW Energy को जरूरी रेगुलेटरी और लेंडर अप्रूवल कितनी जल्दी मिलते हैं। साथ ही, डील का तय समय सीमा 31 जुलाई, 2026 तक सफलतापूर्वक पूरा होना एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम होगा।
