JSW Energy का जलवा! भूटान में पहली बार लगाएगा हाइड्रो पावर प्लांट, 920 MW की डील पक्की

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
JSW Energy का जलवा! भूटान में पहली बार लगाएगा हाइड्रो पावर प्लांट, 920 MW की डील पक्की

JSW Energy अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में दस्तक देने को तैयार है। कंपनी ने भूटान की DGPC के साथ मिलकर 920 MW के Punatsangchhu-III हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट को डेवलप करने का बड़ा समझौता किया है। यह भारत के बाहर JSW Energy का पहला पावर जनरेशन वेंचर होगा।

JSW Energy ने भूटान में किया बड़ा जलवा

JSW Energy, अपनी सब्सिडियरी JSW Neo Energy Limited (JSWNEL) के ज़रिए, Druk Green Power Corporation Limited (DGPC) के साथ मिलकर भूटान में 920 MW के Punatsangchhu-III हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट को विकसित करने जा रही है।

इस डील के तहत, JSWNEL इस ज्वाइंट वेंचर में 51% हिस्सेदारी रखेगी, जबकि DGPC के पास 49% स्टेक होगा। यह प्रोजेक्ट Build-Own-Operate-Transfer (BOOT) मॉडल पर बनाया जाएगा। JSWNEL का शुरुआती निवेश भूटानी न्गुल्ट्रम (BTN) 245 मिलियन होगा।

यह डील क्यों है खास?

यह कदम JSW Energy के लिए एक मील का पत्थर है, क्योंकि यह कंपनी का भारत के बाहर पहला पावर जनरेशन प्रोजेक्ट है। इस वेंचर से JSW Energy के हाइड्रो पोर्टफोलियो को मजबूती मिलेगी और कंपनी के ग्रीन एनर्जी लक्ष्यों को हासिल करने में भी मदद मिलेगी। यह साफ और डिस्पैचेबल क्षमता को बढ़ाएगा, जो कंपनी के मौजूदा विंड और सोलर एसेट्स के साथ मिलकर स्थिर कैश फ्लो सुनिश्चित कर सकता है।

जानिए बैकस्टोरी

JSW Energy के पास पहले से ही 1,781 MW की हाइड्रो क्षमता मौजूद है। कंपनी अपने जनरेशन और स्टोरेज कैपेसिटी को बढ़ाने पर तेज़ी से काम कर रही है, जिसका लक्ष्य 2030 तक 30 GW जनरेशन कैपेसिटी और 40 GWh एनर्जी स्टोरेज कैपेसिटी हासिल करना है।

12 अगस्त 2026 तक, JSW Energy की कुल लॉक्ड-इन जनरेशन कैपेसिटी 32.4 GW है, जिसमें 14.9 GW ऑपरेशनल, 13.5 GW निर्माणाधीन और 4.0 GW पाइपलाइन में है।

आगे क्या होगा?

अब कंपनी भूटान में Punatsangchhu-III हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ेगी। इसमें ज़रूरी रेगुलेटरी अप्रूवल्स लेना और BOOT मॉडल के तहत कंस्ट्रक्शन शुरू करना शामिल है।

रिस्क फैक्टर

निवेशकों को बड़े हाइड्रो प्रोजेक्ट्स से जुड़े संभावित जोखिमों पर ध्यान देना चाहिए, जैसे कि समय और लागत का बढ़ना। यह प्रोजेक्ट भूटान के कॉर्पोरेट रेगुलेटरी अथॉरिटी और फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) की मंजूरी पर भी निर्भर करेगा। साथ ही, इंडस्ट्री के सामान्य जोखिम जैसे कमाई में उतार-चढ़ाव और प्रतिस्पर्धा भी बने रहेंगे।

किन कंपनियों से है मुकाबला?

JSW Energy, भारत के रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की एक बड़ी खिलाड़ी है और Tata Power, Adani Green Energy, और NTPC जैसी कंपनियों को टक्कर देती है। भूटान में हाइड्रो पावर में इसका विस्तार इसके भौगोलिक और एनर्जी सोर्स मिक्स को और विविध बनाएगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.