JSW Energy ने अपनी ऑपरेशनल कैपेसिटी को **15.1 GW** तक पहुंचा दिया है। अप्रैल **2026** के बाद से कंपनी ने **1,694 MW** की नई क्षमता जोड़ी है, जिसमें रिन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी अब **61%** हो गई है।
पोर्टफोलियो में बड़ा बदलाव
कंपनी ने इस फाइनेंशियल ईयर में 1,694 MW की क्षमता जोड़ी है। इसमें सोलर से 593 MW, हाइब्रिड से 542 MW और विंड एनर्जी से 108 MW का योगदान शामिल है। इसके अलावा, Maruti Clean Coal & Power Ltd के अधिग्रहण से 300 MW की थर्मल क्षमता भी जुड़ी है।
निवेशकों के लिए क्यों है अहम?
पोर्टफोलियो का 61% हिस्सा रिन्यूएबल होने से कंपनी का रिस्क काफी कम हुआ है। कंपनी 29.6 GWh की स्टोरेज कैपेसिटी (पंप हाइड्रो और बैटरी प्रोजेक्ट्स) पर काम कर रही है, जो इसे दूसरों से अलग बनाती है और 'राउंड-द-क्लॉक' बिजली सप्लाई देने में मदद करेगी।
मैनेजमेंट का रुख और लक्ष्य
CEO और जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर शरद महेंद्र ने स्पष्ट किया है कि कंपनी FY27 के 3 GW क्षमता जोड़ने के लक्ष्य के लिए पूरी तरह ऑन-ट्रैक है। बाकी बचे 1.6 GW के लिए जमीन और ट्रांसमिशन जैसे जरूरी काम पूरे किए जा चुके हैं।
बड़े आंकड़े जो आपको जानने चाहिए:
- टोटल लॉक्ड-इन कैपेसिटी: 32.4 GW
- रिन्यूएबल एनर्जी शेयर: 61% (9,189 MW)
- एनर्जी स्टोरेज कैपेसिटी: 29.6 GWh
- थर्मल पोर्टफोलियो: 5,958 MW
कंपनी का लक्ष्य 2030 तक 30 GW क्षमता और 40 GWh स्टोरेज तक पहुंचने का है, ताकि 2050 तक कार्बन न्यूट्रल होने का संकल्प पूरा किया जा सके।
