Inox Wind Limited ने FY26 के लिए मजबूत आंकड़े पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **23%** उछलकर **₹4,569 करोड़** पर पहुंच गया है, जबकि EBITDA में **25%** का इजाफा दर्ज किया गया है। कर्ज मुक्त होने के बाद कंपनी अब नेट कैश-पॉजिटिव हो गई है।
मुनाफे की रफ्तार
Inox Wind Limited ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू बढ़कर ₹4,569 करोड़ हो गया है, जबकि नेट प्रॉफिट यानी PAT ₹449 करोड़ रहा। कंपनी ने अपना कंसोलिडेटेड EBITDA ₹1,232 करोड़ दर्ज किया है।
बैलेंस शीट में बड़ा सुधार
कंपनी ने अपनी कॉरपोरेट रिस्ट्रक्चरिंग के जरिए अपनी सेहत में बड़ा सुधार किया है। Inox Wind Energy Limited के साथ मर्जर के बाद, कंपनी ने ₹2,050 करोड़ की देनदारियों को कम किया है और राइट्स इश्यू के जरिए ₹1,249 करोड़ जुटाए हैं। आज कंपनी 'नेट कैश-पॉजिटिव' स्थिति में है, जो इसके भविष्य के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है।
ऑर्डर बुक और फ्यूचर प्लान
कंपनी के पास 4.4 GW का दमदार ऑर्डर बुक है, जो अगले 24 से 36 महीनों के लिए रेवेन्यू की विजिबिलिटी देता है। अहमदाबाद (बावला) में नई 1,200 MW की मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी जुड़ने से कंपनी भारत में विंड एनर्जी सेक्टर की 8-10 GW की सालाना ग्रोथ को भुनाने के लिए तैयार है।
इन जोखिमों पर रखें नजर
भले ही आंकड़े अच्छे हैं, लेकिन कंपनी को अभी भी अपने नए 4.X MW टर्बाइन प्लेटफॉर्म के लिए ALMM सर्टिफिकेशन का इंतजार है। इस सर्टिफिकेशन में देरी होने पर कंपनी के मार्जिन पर असर पड़ सकता है। साथ ही, मार्केट में बढ़ते कॉम्पिटिशन को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
आने वाले समय में निवेशकों को कंपनी के नए टर्बाइन प्लेटफॉर्म के कमर्शियल लॉन्च और Inox Green Energy Services Limited के जरिए O&M सर्विसेज के विस्तार पर नजर रखनी चाहिए।
