Indraprastha Gas (IGL) ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी के नेट प्रॉफिट में भारी गिरावट देखी गई है। बिक्री में **8%** की बढ़ोतरी के बावजूद कंपनी को **₹31.11 करोड़** का नेगेटिव EBITDA झेलना पड़ा है।
मुनाफे में बड़ी गिरावट
सितंबर तिमाही के आंकड़ों के अनुसार, IGL का स्टैंडअलोन रेवेन्यू बढ़कर ₹5,613.62 करोड़ रहा, जो पिछले साल इसी दौरान ₹4,445.89 करोड़ था। हालांकि, मुनाफे की तस्वीर काफी खराब है। कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) साल-दर-साल आधार पर ₹372.51 करोड़ से गिरकर केवल ₹24.38 करोड़ रह गया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कंपनी का EBITDA नेगेटिव ₹31.11 करोड़ दर्ज किया गया है, जबकि पिछले साल यह ₹442.83 करोड़ के मुनाफे में था।
क्यों दबाव में है कंपनी?
कंपनी ने 8% की वॉल्यूम ग्रोथ (कुल 925.59 Million Scm) दर्ज की है, लेकिन यह बढ़ोतरी मुनाफे में तब्दील नहीं हो सकी। बढ़ती लागत और मार्जिन पर दबाव के चलते कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी काफी प्रभावित हुई है, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।
कानूनी और अन्य चुनौतियां
कंपनी इस समय DDA के साथ लाइसेंस फीस विवाद में उलझी हुई है, जो करीब ₹330.73 करोड़ का है। इसके अलावा, कंपनी की सब्सिडियरी 'IGL Genesis Technologies' द्वारा ब्याज भुगतान में चूक के कारण ₹34.46 करोड़ के लोन को करंट एसेट के रूप में रीक्लासिफाई करना पड़ा है। निवेशक अब कंपनी की मार्जिन रिकवरी रणनीति और कानूनी विवाद के समाधान पर नजर बनाए हुए हैं।
