Indraprastha Gas (IGL) के तिमाही नतीजों ने निवेशकों को झटका दिया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के मुकाबले **48%** घटकर **₹186.18 करोड़** रह गया है। हालांकि, रेवेन्यू में **16%** की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन गैस खरीद की ऊंची लागत ने मुनाफे को प्रभावित किया है।
Indraprastha Gas के Q1 FY27 के नतीजे
Indraprastha Gas Ltd (IGL) ने वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही के लिए अपने स्टैंडअलोन नतीजों की घोषणा की है। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 48% गिरकर ₹186.18 करोड़ पर आ गया है। हालांकि, कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स (Revenue from operations) में 16% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो पिछले साल के ₹4,326.60 करोड़ से बढ़कर ₹5,040.15 करोड़ हो गया।
मार्जिन पर क्यों पड़ी मार?
यह नतीजे बताते हैं कि जहां एक ओर कंपनी का रेवेन्यू बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर मुनाफा कम हो रहा है। इसका मुख्य कारण गैस खरीद की लागत में भारी वृद्धि है। रिपोर्ट्स के अनुसार, प्राकृतिक गैस की खरीद लागत में सालाना लगभग 30% की बढ़ोतरी हुई है, जिसने कंपनी के मुनाफे और ऑपरेटिंग मार्जिन पर काफी दबाव डाला है। कंपनी का EBITDA 42% घटकर ₹295.50 करोड़ रह गया, और EBITDA मार्जिन घटकर 6% हो गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में 13% था।
भविष्य की राह और जोखिम
बाजार की नजर अब इस बात पर है कि IGL इन बढ़ती लागतों का सामना कैसे करती है। कंपनी की भविष्य की लाभप्रदता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह उपभोक्ताओं पर बढ़ी हुई लागतें कितनी प्रभावी ढंग से डाल पाती है या गैस सोर्सिंग में कितनी कुशलता ला पाती है।
इसके अलावा, दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (DDA) के साथ लाइसेंस शुल्क को लेकर ₹330.73 करोड़ का एक पुराना विवाद भी है, जिसे अब AMRCD मैकेनिज्म के तहत हल किया जाएगा। यह मामला भी कंपनी के लिए एक जोखिम का पहलू है।
वॉल्यूम ग्रोथ जारी
इसके बावजूद, कंपनी के लिए एक सकारात्मक बात यह है कि वॉल्यूम ग्रोथ में स्थिरता बनी हुई है। Q1 FY27 में कुल वॉल्यूम 6% बढ़कर 878.98 मिलियन स्कम (Million Scm) हो गया। सीएनजी (CNG) वॉल्यूम में 6% की वृद्धि के साथ 656.82 मिलियन स्कम और पीएनजी (PNG) (औद्योगिक/व्यावसायिक) वॉल्यूम में 4% की वृद्धि के साथ 104.42 मिलियन स्कम दर्ज किया गया।
