Indraprastha Gas Ltd (IGL) के नतीजे मिले-जुले रहे हैं। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का नेट प्रॉफिट **9.9%** घटकर **₹1,543.51 करोड़** रह गया है, हालांकि कंपनी का टर्नओवर **₹17,785.36 करोड़** तक पहुंच गया है।
मुनाफे में कमी के पीछे की वजह
कंपनी के सालाना नतीजों पर नजर डालें तो नेट प्रॉफिट में 9.9% की कमी साफ दिख रही है, जो पिछले साल के ₹1,713.01 करोड़ के मुकाबले घटकर ₹1,543.51 करोड़ पर आ गया है। इस गिरावट का सबसे बड़ा कारण नेचुरल गैस की खरीद लागत में हुई बढ़ोतरी है। अच्छी बात यह है कि कंपनी का ग्रॉस टर्नओवर ₹16,399.70 करोड़ से बढ़कर ₹17,785.36 करोड़ हो गया है, जो बिजनेस की मजबूती को दिखाता है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
कंपनी पूरी तरह से कर्ज-मुक्त (Zero-debt) बनी हुई है। निवेशकों को खुश करने के लिए बोर्ड ने ₹1.50 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है, जो पहले दिए गए ₹3.25 के अंतरिम डिविडेंड के अतिरिक्त है।
डायवर्सिफिकेशन पर जोर
IGL अब सिर्फ गैस तक सीमित नहीं है। कंपनी ने राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड के साथ मिलकर 500 MWp के सोलर पावर प्लांट का प्रोजेक्ट शुरू किया है। इसके अलावा, कंपनी Compressed Biogas (CBG) क्षेत्र में भी तेजी से विस्तार कर रही है, जहां वह 16 प्लांट्स से गैस ले रही है और 10 नए साइट्स पर काम करने की योजना है।
रिस्क और चुनौतियां
निवेशकों को दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और टैक्स अधिकारियों के साथ चल रही कानूनी लड़ाई पर नजर रखनी होगी। हालांकि ये अभी आकस्मिक देनदारियां (Contingent Liabilities) हैं, लेकिन कोई भी प्रतिकूल फैसला कंपनी की फाइनेंशियल सेहत पर असर डाल सकता है। कंपनी अब ₹1,120 करोड़ के सालाना कैपिटल एक्सपेंडिचर (CAPEX) के साथ 2 GWp रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है।
