Indowind Energy को बॉम्बे सिटी सिविल कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कंपनी **2003** के बैंक गारंटी विवाद में Bank of Baroda के खिलाफ केस जीत गई है, जिससे कंपनी को **1 करोड़** रुपये के मूलधन के साथ साल **2004** से **12%** सालाना ब्याज भी मिलेगा।
कानूनी जीत का क्या है गणित?
बॉम्बे सिटी सिविल कोर्ट ने इंडोविंड एनर्जी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए बैंक को 1 करोड़ रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है। यह विवाद 2003 में जारी एक बैंक गारंटी से जुड़ा था, जिसे 2004 में इनवोकेट (Invoke) किया गया था। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि कंपनी को इस रकम पर 12% सालाना ब्याज भी मिलेगा, जो करीब 23 साल से जुड़ रहा था।
कंपनी की आगे की रणनीति
मैनेजमेंट ने बताया है कि कोर्ट का यह फैसला कंपनी की बैलेंस शीट को मजबूत करेगा। इस रिकवरी से मिलने वाले फंड को कंपनी अपने 'रीपावरिंग' (Repowering) प्रोजेक्ट्स और विस्तार की योजनाओं में लगाएगी। इससे आने वाले फाइनेंशियल ईयर में कंपनी की टर्नओवर और प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार की उम्मीद है।
आगे क्या नजर रखें?
कानूनी झंझट से मुक्ति मिलने के बाद अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी को यह कैश वास्तव में कब तक प्राप्त होता है। साथ ही, मैनेजमेंट किस तरह इन फंड्स को नए प्रोजेक्ट्स में डिप्लॉय करता है, यह आने वाली तिमाहियों में कंपनी के परफॉरमेंस का मुख्य आधार बनेगा।
