Indowind Energy का FY26 का नेट प्रॉफिट गिरकर महज **₹0.06 करोड़** रह गया है, जो पिछले साल **₹1.71 करोड़** था। कंपनी के ऑडिटर्स ने Suzlon के दावों और **₹74.55 करोड़** की गुडविल पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
बिगड़ते वित्तीय हालात
कंपनी की ओर से जारी FY26 की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, भले ही कुल आय ₹40.33 करोड़ (पिछला साल ₹35.01 करोड़) रही हो, लेकिन नेट प्रॉफिट के मोर्चे पर कंपनी बुरी तरह पिछड़ गई है। 31वीं AGM जो 25 सितंबर, 2026 को होनी है, उससे ठीक पहले ये नतीजे निवेशकों की चिंता बढ़ा रहे हैं।
ऑडिटर्स की चेतावनी (Auditor Qualifications)
सांविधिक ऑडिटर Venkatesh & Co ने अपनी रिपोर्ट में 'क्वालिफाइड ओपिनियन' दी है, जो कंपनी के गवर्नेंस और लेखांकन (accounting) पर सवाल खड़े करती है:
- Suzlon Group के खिलाफ ₹90.83 करोड़ के दावों की अनिश्चितता।
- ₹1.02 करोड़ के बैंक रिकवरी मामले लंबित।
- ₹74.55 करोड़ की गुडविल के लिए जरूरी इम्पेयरमेंट टेस्टिंग न होना।
राइट्स इश्यू और प्रमोटर डील
कंपनी ने कर्नाटक में अपने 4 MW के सोलर प्रोजेक्ट के लिए राइट्स इश्यू फंड के इस्तेमाल की डेडलाइन को सितंबर 2026 से बढ़ाकर दिसंबर 2026 करने की अनुमति मांगी है। इसके अलावा, आने वाले पांच सालों के लिए ₹80 करोड़ तक के संबंधित-पार्टी ट्रांजेक्शन (Related-party transactions) का प्रस्ताव रखा गया है।
निवेशकों के लिए जोखिम
माइनॉरिटी इन्वेस्टर्स को कंपनी के प्रमोटरों और सब्सिडियरी के बीच होने वाले बड़े ट्रांजेक्शन पर कड़ी नजर रखने की जरूरत है। साथ ही, Suzlon के साथ चल रहे आर्बिट्रेशन के नतीजों पर कंपनी का वित्तीय भविष्य काफी हद तक निर्भर करता है।
