Indian Oil का परादीप रिफाइनरी रिकॉर्ड पर! ₹19,251 करोड़ का बड़ा निवेश, नई परियोजनाओं पर फोकस

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Indian Oil का परादीप रिफाइनरी रिकॉर्ड पर! ₹19,251 करोड़ का बड़ा निवेश, नई परियोजनाओं पर फोकस

Indian Oil Corporation (IOCL) की परादीप रिफाइनरी ने वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड **1.635 करोड़ टन** कच्चे तेल का प्रसंस्करण किया है। कंपनी अब **₹19,251 करोड़** का बड़ा निवेश पेट्रोकेमिकल्स, टेक्सटाइल पार्क और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) जैसी नई परियोजनाओं में करने जा रही है, जिसका मकसद वैल्यू एडिशन बढ़ाना है।

Detailed Coverage

इंडियन ऑयल की परादीप रिफाइनरी ने रचा इतिहास, अब बड़े विस्तार की तैयारी

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) के लिए एक बड़ी खबर आई है! कंपनी की परादीप रिफाइनरी ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 1.635 करोड़ टन कच्चे तेल का प्रसंस्करण करके अब तक का अपना सबसे बड़ा रिकॉर्ड बनाया है। यह रिफाइनरी अब तक ₹43,359 करोड़ का निवेश देख चुकी है।

**आगे क्या?

IOCL ने परादीप कॉम्प्लेक्स के लिए ₹19,251 करोड़ की एक नई निवेश योजना का भी ऐलान किया है। इस रकम का बड़ा हिस्सा पेट्रोकेमिकल्स, एक टेक्सटाइल पार्क और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) जैसी नई और महत्वपूर्ण परियोजनाओं में लगाया जाएगा।

**क्यों है यह अहम?

यह रिकॉर्ड उत्पादन रिफाइनरी की बेहतरीन ऑपरेशनल एफिशिएंसी को दिखाता है। वहीं, प्रस्तावित निवेश IOCL की उस स्ट्रैटेजी का संकेत है, जिसके तहत कंपनी पारंपरिक रिफाइनिंग से आगे बढ़कर पेट्रोकेमिकल्स और नई ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में ग्रोथ हासिल करना चाहती है। इससे कंपनी के मुनाफे में सुधार और बिजनेस मॉडल को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

**यह सब कैसे हुआ?

परादीप रिफाइनरी IOCL के लिए एक अहम ग्रोथ इंजन रही है। कंपनी ने यहां रिफाइनरी यूनिट्स और मोनोएथिलीन ग्लाइकॉल (MEG) और पॉलीप्रोपाइलीन जैसे पेट्रोकेमिकल प्लांट्स में लगातार निवेश किया है।

**अब क्या बदलेगा?

IOCL अब परादीप को एक इंटीग्रेटेड एनर्जी और पेट्रोकेमिकल हब में बदलने पर जोर दे रही है। नई परियोजनाओं में चल रहा PX-PTA प्रोजेक्ट, प्रस्तावित भद्रक टेक्सटाइल पार्क और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) प्रोजेक्ट शामिल हैं।

**क्या हैं जोखिम?

PX-PTA, टेक्सटाइल पार्क और SAF जैसी जटिल परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में देरी हो सकती है, जो अनुमानित वैल्यू एडिशन को प्रभावित कर सकता है। साथ ही, पेट्रोकेमिकल्स के लिए वैश्विक कमोडिटी कीमतों पर निर्भरता भी एक फैक्टर बनी रहेगी।

**तुलना:

BPCL और HPCL जैसी दूसरी बड़ी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां भी अपने पेट्रोकेमिकल कैपेसिटी का विस्तार कर रही हैं और नई ऊर्जा क्षेत्रों में कदम रख रही हैं। IOCL का SAF और टेक्सटाइल में निवेश भविष्य की ऊर्जा मांगों के अनुरूप एक सक्रिय कदम है।

**मुख्य आंकड़े:

  • कच्चे तेल का प्रसंस्करण (FY 2025-26): 1.635 करोड़ टन (रिकॉर्ड)
  • परादीप में कुल निवेश: ₹43,359 करोड़
  • नई परियोजनाओं के लिए निवेश: ₹19,251 करोड़
  • राजकोष में योगदान (FY 2025-26): ₹30,392 करोड़ से अधिक
  • कुल CSR खर्च (FY 2014-15 से 2025-26): ₹56.71 करोड़

**आगे क्या देखें?

निवेशकों को PX-PTA प्रोजेक्ट, भद्रक टेक्सटाइल पार्क और SAF प्रोजेक्ट की प्रगति और कमीशनिंग टाइमलाइन पर नजर रखनी चाहिए। इन नई परियोजनाओं से होने वाले वित्तीय प्रदर्शन और मार्जिन योगदान पर अपडेट महत्वपूर्ण होंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.