Indian Oil Corporation: Q2 में **₹21,630 करोड़** का बंपर मुनाफा, पर कंपनी के सामने खड़ी है बड़ी चुनौती

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Indian Oil Corporation: Q2 में **₹21,630 करोड़** का बंपर मुनाफा, पर कंपनी के सामने खड़ी है बड़ी चुनौती

Indian Oil Corporation (IOCL) ने सितंबर तिमाही के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। पिछली तिमाही के नुकसान से उबरते हुए कंपनी ने **₹21,630.03 करोड़** का नेट प्रॉफिट कमाया है, हालांकि बोर्ड में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की कमी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

मुनाफे की वापसी और सरकारी सपोर्ट

कंपनी ने सितंबर तिमाही में अपनी वित्तीय स्थिति में जबरदस्त सुधार दिखाया है। जून तिमाही में ₹2,661.37 करोड़ के नुकसान के बाद, इस बार कंपनी ₹21,630.03 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज करने में सफल रही। वहीं, ऑपरेशन से आया रेवेन्यू ₹2,62,935.58 करोड़ रहा है। इस मुनाफे के पीछे का बड़ा कारण सरकारी सब्सिडी है। IOCL को एलपीजी अंडर-रिकवरी के लिए सरकार से ₹7,243.02 करोड़ की सहायता मिली है, जिसने कंपनी की बैलेंस शीट को मजबूती दी है।

कॉर्पोरेट गवर्नेंस पर गंभीर सवाल

ऑपरेशनल मोर्चे पर कंपनी मजबूत दिख रही है, लेकिन ऑडिट रिपोर्ट में सामने आई गवर्नेंस की कमियां चिंताजनक हैं। कंपनी में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की संख्या अनिवार्य सीमा से कम है, जिसमें महिला इंडिपेंडेंट डायरेक्टर का पद भी खाली है। इसके चलते ऑडिट कमिटी, नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमिटी और सीएसआर कमिटी जैसे महत्वपूर्ण बोर्ड पैनल फिलहाल काम नहीं कर रहे हैं।

निवेशकों के लिए रिस्क

बिना फंक्शनल ऑडिट कमिटी के, फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स और इंटरनल कंट्रोल की निगरानी पर एक बड़ा सवालिया निशान लग गया है। यह लिस्टिंग नियमों का सीधा उल्लंघन है, जो भविष्य में रेगुलेटरी कार्रवाई को न्योता दे सकता है। अब निवेशकों की नजर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (Ministry of Petroleum and Natural Gas) पर होगी, ताकि यह देखा जा सके कि बोर्ड का पुनर्गठन कब तक पूरा होता है। फिलहाल, निवेशकों को इन गवर्नेंस गैप्स के सुधरने तक सतर्क रहने की जरूरत है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.