Indian Energy Exchange (IEX) ने कोल ट्रेडिंग सेक्टर में कदम रखने की तैयारी कर ली है। कंपनी ने अपनी सब्सिडियरी Indian Coal Exchange Limited के जरिए फिजिकल डिलीवरी-आधारित कोल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के लिए लाइसेंस की अर्जी दी है।
बड़े विस्तार की तैयारी
IEX ने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी Indian Coal Exchange Limited के जरिए Coal Controller Organisation (CCO) के पास लाइसेंस के लिए आवेदन किया है। इस नई इकाई को ₹100 करोड़ की अधिकृत शेयर पूंजी (Authorized Share Capital) के साथ शुरू किया गया है, जो 'Coal Exchange Rules, 2026' के तहत काम करेगी।
क्यों खास है यह कदम?
बिजली और गैस ट्रेडिंग के बाद अब IEX कोयले के बाजार में पारदर्शिता लाने की कोशिश कर रही है। कंपनी का लक्ष्य एक ऐसा टेक-इनेबल्ड प्लेटफॉर्म तैयार करना है, जिससे कोयले की खरीद-फरोख्त आसान और पारदर्शी हो सके। पिछले 18 सालों में IEX ने पावर एक्सचेंज के रूप में जो भरोसा बनाया है, अब उसे कोल मार्केट में दोहराने की चुनौती है।
आगे क्या होगा?
फिलहाल कंपनी को लाइसेंस मिलने का इंतजार है। इसके बाद डिलीवरी पॉइंट्स तय करने और मार्केट पार्टिसिपेंट्स को जोड़ने का काम शुरू होगा। निवेशकों को अब रेगुलेटरी मंजूरी की टाइमलाइन पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि बाजार में नई एंट्री होने के नाते लिक्विडिटी हासिल करना और पुराने तौर-तरीकों से मुकाबला करना बड़ी चुनौती होगी।
