Indian Energy Exchange (IEX) ने अक्टूबर 2026 के अपने आंकड़े जारी कर दिए हैं। कंपनी के ट्रेडिंग वॉल्यूम में सालाना आधार पर **16.5%** की दमदार बढ़त देखी गई है, जो कुल **13.1 बिलियन यूनिट** तक पहुंच गया है।
आंकड़ों की बाजीगरी
IEX के प्रदर्शन पर नजर डालें तो रियल-टाइम मार्केट (RTM) में 23.7% का उछाल आया और यह 5,670 MU दर्ज किया गया। वहीं, टर्म-अहेड मार्केट (TAM) में तो बंपर तेजी दिखी, जहां वॉल्यूम 138.8% बढ़कर 2,175 MU पहुंच गया। इसके अलावा, REC ट्रेडिंग में 97.5% का भारी उछाल देखने को मिला। हालांकि, डे-अहेड मार्केट (DAM) में 3.8% की गिरावट और ग्रीन मार्केट में 30% की कमी दर्ज की गई है।
क्यों अहम हैं ये नतीजे?
IEX भारत के स्पॉट पावर मार्केट का मुख्य बैरोमीटर है। अक्टूबर में बिजली की कीमतों में सालाना आधार पर DAM में 149% और RTM में 112% का बड़ा इजाफा हुआ, जो देश में बिजली की जबरदस्त डिमांड को दर्शाता है। राष्ट्रीय स्तर पर बिजली की मांग 21.9% बढ़कर 159.8 BU रही।
मौसम का असर और चुनौतियां
मैनेजमेंट के अनुसार, अक्टूबर का महीना दो हिस्सों में बंटा रहा। महीने की शुरुआत में गर्मी के कारण मांग बहुत ज्यादा थी, लेकिन बाद में बारिश और Cyclone Arnab के असर से तापमान कम हुआ। इससे मांग में नरमी आई और RTM में बिजली की कीमतें कहीं-कहीं शून्य के करीब पहुंच गईं।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks to watch)
आगे चलकर स्पॉट मार्केट प्राइसिंग पर सरकारी दखल, रिन्यूएबल एनर्जी मैंडेट में बदलाव और क्लाइमेट से जुड़ी अस्थिरता निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकती है। इसके अलावा, सप्लाई की अधिकता से एक्सचेंज के क्लियरिंग प्राइस प्रीमियम पर दबाव बन सकता है।
