इंडियन एनर्जी एक्सचेंज: मई 2026 का ऑपरेशनल परफॉरमेंस
कुल बिजली ट्रेड वॉल्यूम: 12,983 MU
REC मार्केट वॉल्यूम: 0.061 करोड़ (6.10 लाख)
क्या हुआ?
इंडियन एनर्जी एक्सचेंज (IEX) ने मई 2026 के लिए अपने ऑपरेशनल आंकड़े जारी किए हैं। इस दौरान कुल बिजली ट्रेड वॉल्यूम पिछले साल की तुलना में 18.6% बढ़कर 12,983 मिलियन यूनिट (MU) पर पहुंच गया। यह बढ़ोतरी भारत की कुल ऊर्जा खपत में हुई वृद्धि और रिकॉर्ड पीक पावर डिमांड के कारण संभव हुई। IEX के डे-अहेड मार्केट (DAM) में 24.9%, रियल-टाइम मार्केट (RTM) में 15.9% और ग्रीन मार्केट में 13.0% की बढ़ोतरी देखी गई।
हालांकि, रिन्यूएबल एनर्जी सर्टिफिकेट (REC) मार्केट में भारी गिरावट आई, जहाँ ट्रेड वॉल्यूम 65% घटकर 0.061 करोड़ (6.10 लाख) REC रह गया। इसका मुख्य कारण सेल बिड्स में 85.3% की भारी कमी रही।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
बिजली ट्रेडिंग में मजबूत परफॉरमेंस IEX के मुख्य व्यवसाय के स्वास्थ्य और भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों के अनुरूप होने का संकेत देता है। 270.82 GW की पीक पावर डिमांड में बढ़ोतरी IEX के बिजनेस मॉडल का समर्थन करती है। DAM और RTM में क्लियरिंग प्राइस का बढ़ना मजबूत डिमांड को दर्शाता है। वहीं, REC मार्केट में आई तेज गिरावट सप्लाई की कमी की ओर इशारा करती है, जो ट्रेडिंग वॉल्यूम को प्रभावित कर रही है और REC की कीमतों में अस्थिरता ला सकती है।
आगे क्या उम्मीद करें?
बिजली की निरंतर मांग IEX के मुख्य ट्रेडिंग वॉल्यूम के लिए सकारात्मक है। निवेशक REC मार्केट में रिकवरी और सेल-साइड पार्टिसिपेशन पर बारीकी से नजर रखेंगे। अगले REC ट्रेडिंग सेशन 10 जून और 24 जून 2026 को निर्धारित हैं, जो आगे की जानकारी प्रदान करेंगे।
जोखिम क्या हैं?
सबसे बड़ा जोखिम REC मार्केट में सप्लाई की कमी का बना हुआ है, जो वॉल्यूम को दबा रहा है। यदि यह सप्लाई की समस्या बनी रहती है, तो यह IEX के समग्र ग्रोथ के कहानी को प्रभावित कर सकती है, भले ही अन्य सेगमेंट में प्रदर्शन मजबूत रहे। डिमांड-सप्लाई की गतिशीलता से प्रेरित बिजली क्लियरिंग कीमतों में अस्थिरता भी एक कारक है।
