Indian Energy Exchange (IEX) ने जुलाई 2026 के लिए **7.7%** सालाना वृद्धि के साथ कुल बिजली वॉल्यूम **13.53 बिलियन यूनिट** दर्ज किया है। रियल-टाइम मार्केट (RTM) और टर्म-अहेड मार्केट (TAM) से मुख्य रूप से यह ग्रोथ आई है, हालांकि डे-अहेड मार्केट (DAM) में गिरावट देखी गई।
इंडियन एनर्जी एक्सचेंज (IEX) का जुलाई 2026 ट्रेडिंग अपडेट
इंडियन एनर्जी एक्सचेंज (IEX) पर कुल बिजली वॉल्यूम में पिछले साल के मुकाबले 7.7% की बढ़ोतरी हुई है, जो 13.53 बिलियन यूनिट (BU) तक पहुंच गया। यह ग्रोथ तब आई है जब देश की कुल ऊर्जा खपत 10.9% बढ़ी है।
क्या हुआ खास?
IEX ने जुलाई 2026 के लिए अपने ट्रेडिंग वॉल्यूम जारी किए हैं। कुल बिजली वॉल्यूम पिछले साल की तुलना में 7.7% बढ़कर 13.53 BU हो गया। रियल-टाइम मार्केट (RTM) में 10.2% की वृद्धि देखी गई, जो 5.63 BU रहा। वहीं, टर्म-अहेड मार्केट (TAM) और कंटीजेंसी ट्रेडिंग (Contingency Trading) में 93.4% का भारी उछाल आया और यह 1,774 MU पर पहुंच गया।
हालांकि, डे-अहेड मार्केट (DAM) में 7.7% की गिरावट दर्ज की गई, जहां 5,087 MU का कारोबार हुआ। ग्रीन मार्केट (Green Market) वॉल्यूम में मामूली 0.9% की बढ़ोतरी हुई और यह 1,035 MU रहा। दूसरी ओर, रिन्यूएबल एनर्जी सर्टिफिकेट (REC) ट्रेडिंग वॉल्यूम में 56.3% की भारी गिरावट आई और यह 7.11 लाख यूनिट रह गया।
यह क्यों मायने रखता है?
यह बदलाव ट्रेडिंग पैटर्न में हो रहे विकास को दर्शाता है। RTM और TAM में ग्रोथ इस बात का संकेत है कि ग्राहक अधिक फ्लेक्सिबल और छोटी अवधि के एनर्जी कॉन्ट्रैक्ट्स पसंद कर रहे हैं। DAM में गिरावट, खरीदारों की मांग अधिक होने के बावजूद, संभावित सप्लाई की कमी या अन्य ट्रेडिंग विंडो की ओर झुकाव का इशारा हो सकती है। REC ट्रेडिंग में भारी गिरावट ग्रीन सर्टिफिकेट मार्केट में सप्लाई की गंभीर समस्याओं को उजागर करती है।
आगे क्या?
निवेशक फ्लेक्सिबल पावर सॉल्यूशंस की लगातार बढ़ती मांग से यह अंदाज़ा लगा सकते हैं। यह डेटा बताता है कि जहां कुल ऊर्जा खपत बढ़ रही है, वहीं DAM और REC जैसे कुछ मार्केट सेगमेंट्स को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इसका असर रेवेन्यू डायवर्सिफिकेशन और इन खास क्षेत्रों में मार्केट शेयर पर पड़ सकता है।
जोखिम क्या हैं?
संभावित जोखिमों में REC मार्केट में सप्लाई की लगातार समस्याएँ शामिल हैं, जो रिन्यूएबल एनर्जी कंपनियों को हतोत्साहित कर सकती हैं। DAM में और गिरावट द्विपक्षीय (Bilateral) कॉन्ट्रैक्टिंग या ग्रिड की बाधाओं का संकेत हो सकती है, जो एक्सचेंज वॉल्यूम को प्रभावित कर सकती हैं। इसके विपरीत, RTM और TAM में लगातार ग्रोथ इन सेगमेंट्स के लिए सकारात्मक संकेत देती है।
अन्य आंकड़े (July 2026):
- राष्ट्रीय ऊर्जा खपत: 170.70 BUs (+10.9% YoY)
- IEX कुल बिजली वॉल्यूम: 13.53 BU (+7.7% YoY)
- RTM वॉल्यूम: 5.63 BU (+10.2% YoY)
- TAM और कंटीजेंसी वॉल्यूम: 1,774 MU (+93.4% YoY)
- DAM वॉल्यूम: 5,087 MU (-7.7% YoY)
- ग्रीन मार्केट वॉल्यूम: 1,035 MU (+0.9% YoY)
- REC ट्रेडेड वॉल्यूम: 7.11 लाख (-56.3% YoY)
- DAM प्राइस: Rs 4.99/unit (+19.3% YoY)
- RTM प्राइस: Rs 4.41/unit (+15.1% YoY)
- ग्रीन मार्केट प्राइस: Rs 3.75/unit (-4.2% YoY)
