Hindustan Petroleum Corporation Ltd (HPCL) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए **₹17,175 करोड़** का रिकॉर्ड मुनाफा दर्ज किया है। कंपनी के रेवेन्यू में भी बढ़त देखने को मिली है, जो **₹4,78,543 करोड़** पर पहुंच गया है। यह शानदार प्रदर्शन कंपनी के मजबूत ऑपरेशनल परफॉरमेंस और प्रोजेक्ट्स के पूरा होने का नतीजा है।
HPCL ने दर्ज किया रिकॉर्ड मुनाफा
Hindustan Petroleum Corporation Ltd. (HPCL) ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने ₹17,175 करोड़ का अब तक का सबसे बड़ा स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट (PAT) दर्ज किया है। पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा ₹7,364 करोड़ था, जो इस बार लगभग दोगुना से भी ज्यादा है।
रेवेन्यू और EBITDA में भी उछाल
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कंपनी का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स (Revenue from Operations) ₹4,78,543 करोड़ रहा, जो पिछले वित्त वर्ष के ₹4,64,247 करोड़ से अधिक है। वहीं, EBITDA में भी ज़बरदस्त बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹33,182 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल यह ₹19,022 करोड़ था। प्रॉफिट बिफोर टैक्स (Profit Before Tax) भी ₹9,621 करोड़ से बढ़कर ₹22,907 करोड़ हो गया।
रिकॉर्ड प्रदर्शन की वजह?
यह रिकॉर्ड मुनाफा और रेवेन्यू ग्रोथ कंपनी के बेहतरीन ऑपरेशनल मैनेजमेंट और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स के सफलतापूर्वक पूरा होने को दर्शाती है। HPCL ने अपनी रिफाइनिंग ऑपरेशन्स से वैल्यू बढ़ाने और बाज़ार में अपनी पकड़ मजबूत करने में कामयाबी हासिल की है।
आगे क्या?
विशाखा रिफाइनरी में Residue Upgradation Facility (RUF) और राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL) जैसे प्रोजेक्ट्स के चालू होने से HPCL अब और भी बेहतर क्वालिटी के प्रोडक्ट बना पाएगी। इससे कंपनी के मार्जिन और मुनाफे में भविष्य में और भी बढ़ोतरी की उम्मीद है। कंपनी का डेट-इक्विटी रेशियो (Debt-Equity Ratio) भी सुधरकर 0.80 हो गया है, जो भविष्य के विस्तार के लिए मजबूत वित्तीय स्थिति का संकेत देता है।
जोखिम
हालांकि, पश्चिम एशिया में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Risks) कच्चे तेल की सप्लाई चेन में गड़बड़ी पैदा कर सकते हैं, जिससे कच्चे तेल की लागत और सप्लाई पर असर पड़ सकता है। यह कंपनी के मुनाफे के लिए एक बड़ा जोखिम बना हुआ है।
