Hindustan Oil Exploration Company के लिए FY26 चुनौतीपूर्ण रहा है। कंपनी का नेट प्रॉफिट **₹147.21 करोड़** से घटकर **₹62.75 करोड़** रह गया है। इसके साथ ही कंपनी अब अपनी कर्ज सीमा को बढ़ाकर **₹1,000 करोड़** करने की योजना बना रही है।
बिगड़ते फाइनेंशियल नतीजे
कंपनी के रेवेन्यू में भी बड़ी गिरावट देखी गई है, जो पिछले साल के ₹420.87 करोड़ से गिरकर इस बार ₹263.15 करोड़ पर आ गया है। मैनेजमेंट के अनुसार, ब्लॉक B-80 फैसिलिटी में कम डे-रेट और अनसोल्ड ऑयल स्टॉक के कारण रेवेन्यू पर दबाव बना रहा।
कर्ज बढ़ाने की तैयारी
आगामी 25 सितंबर, 2026 को होने वाली 42वीं एजीएम (AGM) में कंपनी अपने शेयरधारकों से कर्ज लेने की लिमिट को ₹750 करोड़ से बढ़ाकर ₹1,000 करोड़ करने की मंजूरी मांगेगी। इसके अलावा, ₹300 करोड़ तक के निवेश और गारंटी के लिए भी प्रस्ताव रखा जाएगा।
मैनेजमेंट में बड़ा फेरबदल
कंपनी में नई लीडरशिप की एंट्री हुई है। 1 अप्रैल, 2026 से बारोरुचि मिश्रा (Baroruchi Mishra) मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ, जबकि एलन जोसेफ एंड्राडे (Allen Joseph Andrade) सीएफओ के पद पर नियुक्त हुए हैं। इन्होंने क्रमशः रामासामी जीवनंदम और सिवालाई सेंथिलनाथन की जगह ली है।
इंटरनल कंट्रोल्स पर सवाल
निवेशकों के लिए एक चिंता का विषय ऑडिटर की रिपोर्ट है, जिसमें कंपनी के इंटरनल फाइनेंशियल कंट्रोल्स, खास तौर पर ट्रेड पेयेबल और पेरोल कॉस्ट रिव्यू में कमियां बताई गई हैं। हालांकि, ऑपरेशनल फ्रंट पर कंपनी ने अच्छा प्रदर्शन किया है और प्रोडक्शन 1.08 MMBOE से बढ़कर 1.92 MMBOE पहुंच गया है। अब कंपनी ब्लॉक B-80 में 100% हिस्सेदारी रखती है।
