Hindustan Oil Exploration Company (HOEC) ने Q4 FY26 के लिए **₹30.40 करोड़** का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, भले ही कंपनी का रेवेन्यू नेगेटिव में चला गया हो। ये बड़ी उठापटक HPCL के साथ कैंसल हुए क्रूड ऑयल सेल एग्रीमेंट के कारण हुए **₹258.78 करोड़** के एडजस्टमेंट की वजह से है।
Q4 FY26 में क्या हुआ?
HOEC ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त तिमाही और पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने ऑडिटेड नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने Q4 FY26 में ₹30.40 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट दिखाया। लेकिन, इसी अवधि के लिए रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स ₹194.28 करोड़ नेगेटिव रहा।
यह अजीब रेवेन्यू आंकड़ा Hindustan Petroleum Corporation Limited (HPCL) के साथ हुए Crude Off-take and Sale Agreement (COSA) के कैंसलेशन के बाद हुए बड़े अकाउंटिंग एडजस्टमेंट का नतीजा है।
क्यों है ये अहम?
नेगेटिव रेवेन्यू का सीधा कारण पिछले साल के दौरान पहचाने गए ₹258.78 करोड़ की सेल्स को रिवर्स करना है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि HPCL द्वारा क्वालिटी संबंधी चिंताएं उठाने के बाद COSA को आपसी सहमति से कैंसल कर दिया गया था। इस रिवर्सल के बावजूद, कंपनी ने पॉजिटिव स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट हासिल किया, जो कि ऑपरेशनल प्रॉफिटेबिलिटी को दर्शाता है। हालांकि, HPCL के साथ कैंसलेशन और उसके बाद चल रहीconciliation प्रक्रिया अनिश्चितता पैदा करती है।
बैकस्टोरी क्या है?
HOEC ने HPCL के साथ COSA सितंबर 2025 की तिमाही में साइन किया था। बाद में, HPCL ने क्वालिटी से जुड़ी दिक्कतें उठाईं, जिसके चलते एग्रीमेंट को कैंसल करने का आपसी फैसला लिया गया। एडजस्टमेंट के तौर पर, HOEC ने कस्टमर के प्रैमिसेस पर रखे अपने क्रूड ऑयल इन्वेंटरी को ₹272.63 करोड़ के नेट रियलाइजेबल वैल्यू पर रिकॉर्ड किया।
अब क्या बदलेगा?
कंपनी वर्तमान में HPCL के साथ एक conciliation प्रक्रिया में लगी हुई है, जिसकी मध्यस्थता एक पूर्व हाई कोर्ट चीफ जस्टिस कर रहे हैं। इस विवाद का समाधानconciliation के नतीजों पर निर्भर करेगा, जो कि संभावित भविष्य के फाइनेंशियल सेटलमेंट और देनदारियों को स्पष्ट करने के लिए अहम होगा।
जोखिम क्या हैं?
निवेशकों को HPCL के साथ conciliation प्रक्रिया पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। यह विवाद कस्टमर कंसंट्रेशन के जोखिम को भी उजागर करता है, क्योंकि कंपनी का एक बड़ा हिस्सा एक ही ग्राहक पर निर्भर था।
ऑडिटर की राय
स्टैट्यूटरी ऑडिटर B S R & Co. LLP ने फाइनेंशियल नतीजों पर एक अनमॉडिफाइड ओपिनियन दिया है। उन्होंने विशेष रूप से COSA कैंसलेशन और संबंधित अकाउंटिंग एडजस्टमेंट का विवरण देने वाले नोट पर ध्यान आकर्षित किया है।
मुख्य आंकड़े
Q4 FY26 के लिए, HOEC ने स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹(194.28) करोड़ और स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹30.40 करोड़ दर्ज किया। इसी तिमाही के लिए कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹7.77 करोड़ रहा।
