Hindustan Oil Exploration Company (HOEC) ने असम के Dirok फील्ड में स्थित Hollong Modular Gas Processing Plant का अधिग्रहण कर लिया है। अब तक यह प्लांट Expro North Sea Limited के पास था, लेकिन अब HOEC के पास पूरी ऑपरेशनल कमान होगी।
अब पूरी तरह मालिक बनी HOEC
14 अक्टूबर, 2026 से यह बदलाव प्रभावी हो गया है। पहले यह प्लांट आउटसोर्स मॉडल पर चल रहा था, लेकिन अब कंपनी के पास सीधे मालिकाना हक आ गया है। इस डील के तहत Expro North Sea Limited के सभी कर्मचारी अब सीधे तौर पर HOEC के वर्कफोर्स का हिस्सा बन गए हैं।
क्यों है यह बड़ा कदम?
कंपनी के लिए Dirok फील्ड का यह प्लांट रीढ़ की हड्डी जैसा है। अब तक प्लांट के ऑपरेशंस के लिए किसी तीसरी पार्टी पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन पूर्ण स्वामित्व मिलने के बाद HOEC के पास अब पूरी ऑटोनॉमी (स्वायत्तता) होगी। इससे कंपनी को नई ड्रिलिंग पर काम करने और प्लांट की क्षमता बढ़ाने में किसी भी तरह की बाहरी बाधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।
आगे की स्ट्रैटेजी और टारगेट
कंपनी के पास इस अधिग्रहण के पीछे तीन बड़े लक्ष्य हैं:
- क्षमता विस्तार: तीन नई स्वीकृत ड्रिलिंग वेल्स के उत्पादन को सपोर्ट करना।
- इंटीग्रेशन: North Dirok और Greater Dirok एसेट्स से होने वाले भविष्य के प्रोडक्शन को मैनेज करना।
- दक्षता: प्लांट में तुरंत जरूरी सुधार करके ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बढ़ाना।
अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी इन तीनों नई वेल्स को कब तक चालू कर पाती है और प्लांट के मॉडिफिकेशन के बाद गैस का कुल थ्रूपुट (throughput) कितना बढ़ता है।
