HEG की सब्सिडियरी ने Indus Towers के साथ मिलाया हाथ, बैटरी स्टोरेज के लिए **1.5 GWh** का बड़ा करार

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
HEG की सब्सिडियरी ने Indus Towers के साथ मिलाया हाथ, बैटरी स्टोरेज के लिए **1.5 GWh** का बड़ा करार

HEG Advanced Materials की सब्सिडियरी Replus Engitech ने Indus Towers के साथ एक अहम MoU साइन किया है। इस साझेदारी के तहत टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए **1.5 GWh** की बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) सप्लाई की जाएगी।

बड़ा तालमेल: क्या है डील का मकसद?

HEG Advanced Materials की सहायक कंपनी Replus Engitech ने Indus Towers के साथ एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का मुख्य लक्ष्य अगले 2 साल में देश के टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर में 1.5 GWh की बैटरी एनर्जी स्टोरेज क्षमता को तैनात करना है।

क्यों है यह अहम?

टेलीकॉम टावर्स के लिए लगातार और भरोसेमंद पावर बैकअप की जरूरत होती है। इस डील के साथ ही Replus Engitech ने अब एनर्जी स्टोरेज सेक्टर में अपनी धाक जमाने की तैयारी शुरू कर दी है। यह कदम HEG को उसके पारंपरिक ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड कारोबार से हटकर क्लीन एनर्जी के नए और तेजी से बढ़ते मार्केट में एक नई पहचान दिलाएगा।

नई टेक्नोलॉजी पर नजर

यह समझौता केवल बैटरी सप्लाई तक सीमित नहीं है। दोनों कंपनियां मिलकर सोडियम-आयन (sodium-ion) बैटरी जैसी एडवांस्ड तकनीकों के परीक्षण और निर्माण पर काम करेंगी, जो एनर्जी एफिशिएंसी को बेहतर बनाने में मददगार साबित हो सकती हैं। यह 'मेड-इन-इंडिया' विजन को भी मजबूती देगा।

निवेशकों के लिए चेतावनी

सावधान रहें: फिलहाल यह केवल एक MoU (इरादा पत्र) है, न कि कोई पक्का कमर्शियल कॉन्ट्रैक्ट। असली चुनौती इसे ऑर्डर बुक में बदलने की होगी। भविष्य में कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी और इस टेक्नोलॉजी के फील्ड ट्रायल पर निवेशकों की नजरें टिकी रहेंगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.