Gujarat Industries Power Company: ₹6,000 करोड़ का बड़ा धमाका! कंपनी ने दिया दमदार EBITDA गाइडेंस

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Gujarat Industries Power Company: ₹6,000 करोड़ का बड़ा धमाका! कंपनी ने दिया दमदार EBITDA गाइडेंस

Gujarat Industries Power Company (GIPCL) ने बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए ₹6,000 करोड़ के थर्मल पावर प्रोजेक्ट के विस्तार को मंजूरी दे दी है। साथ ही, कंपनी ने FY27 के लिए ₹950-1,000 करोड़ के EBITDA का अनुमान जताया है, जबकि उसका 600 MW का खावड़ा सोलर प्रोजेक्ट भी चालू हो गया है।

GIPCL का बड़ा प्लान

Gujarat Industries Power Company Ltd (GIPCL) ने अपने निवेशकों को एक बड़ी खबर दी है। कंपनी के बोर्ड ने ₹6,000 करोड़ के बड़े निवेश को हरी झंडी दे दी है। यह पैसा 750 MW की क्षमता वाले लिग्नाइट-आधारित पावर स्टेशन के विस्तार के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। इसके साथ ही, कंपनी ने अगले फाइनेंशियल ईयर (FY27) के लिए ₹950-1,000 करोड़ के कंसोलिडेटेड EBITDA का अनुमान भी जारी किया है।

क्या है खास?

कंपनी के मुताबिक, इस थर्मल पावर प्रोजेक्ट के 2032 से 2033 के बीच चालू होने की उम्मीद है। खास बात यह है कि GIPCL का 600 MW का खावड़ा सोलर प्रोजेक्ट अब पूरी तरह से चालू हो गया है, जिसने 33.24% का CUF (Capacity Utilisation Factor) हासिल किया है। कंपनी को इस सोलर एसेट से FY27 में लगभग ₹420 करोड़ के सालाना रेवेन्यू की उम्मीद है।

क्यों ज़रूरी है यह कदम?

यह बड़ा थर्मल एक्सपेंशन GIPCL की पावर जेनरेशन कैपेसिटी को बढ़ाने की रणनीति का अहम हिस्सा है। FY27 के लिए EBITDA का जो गाइडेंस दिया गया है, उससे मैनेजमेंट का भविष्य की प्रॉफिटेबिलिटी को लेकर भरोसा झलकता है। हालांकि, कंपनी के सामने कर्ज प्रबंधन और नए प्रोजेक्ट्स के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने जैसी चुनौतियां भी हैं।

निवेश पर असर?

निवेशकों को आने वाले समय में कंपनी के बढ़ते कर्ज पर पैनी नज़र रखनी होगी। आने वाले कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) के चलते कर्ज ₹4,500 करोड़ से ₹6,500 करोड़ तक पहुंच सकता है। इसके अलावा, एक्सपेंशन प्रोजेक्ट्स के लिए पावर निकासी (evacuation) की तैयारी भी एक बड़ा फैक्टर साबित होगी। अभी कंपनी का मौजूदा कर्ज ₹3,250 करोड़ (मार्च 2026 तक) है, जिस पर फ्लोटिंग रेट के तहत औसतन 7.8% का ब्याज जा रहा है।

आगे क्या?

अब देखना यह होगा कि GIPCL इस थर्मल प्रोजेक्ट को कितनी कुशलता से पूरा करती है और बढ़ते कर्ज को कैसे मैनेज करती है। साथ ही, नए रिन्यूएबल प्रोजेक्ट्स का ऑपरेशनल परफॉरमेंस और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) में कंपनी का कदम भी अहम होगा।

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