Gujarat Alkalies and Chemicals ने अपने बड़े **75.9 MW** के हाइब्रिड रिन्यूएबल प्रोजेक्ट के तहत **6.6 MW** की क्षमता को चालू कर दिया है। कंपनी का लक्ष्य भविष्य में बिजली की लागत में बड़ी कटौती करना है।
पावर लागत पर लगाम की कोशिश
केमिकल बनाने वाली कंपनियों के लिए बिजली का खर्च सबसे बड़े खर्चों में से एक होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए Gujarat Alkalies and Chemicals Ltd (GACL) ने एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने 6.6 MW की रिन्यूएबल हाइब्रिड पावर क्षमता को ऑपरेशनल बना दिया है। यह पूरा प्रोजेक्ट 75.9 MW का है, जिसे Clean Max Sphere Energy Private Limited के साथ मिलकर तैयार किया जा रहा है। फिलहाल यह 6.6 MW का प्लांट स्टेबलाइजेशन फेज में है।
आगे की रणनीति
यह अभी सिर्फ शुरुआत है। कंपनी के पास अभी 9.9 MW का फेज-1 का हिस्सा और 59.4 MW का फेज-2 पाइपलाइन में है। जैसे-जैसे यह क्षमता बढ़ेगी, कंपनी का बिजली का बिल कम होता जाएगा, जिसका सीधा असर कंपनी के बॉटम-लाइन मार्जिन्स पर पड़ेगा।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
निवेशकों को कंपनी के इस प्रोजेक्ट की एग्जीक्यूशन स्पीड पर नजर रखनी होगी। हालांकि रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में प्रोजेक्ट में देरी होना या रेगुलेटरी बदलाव एक सामान्य रिस्क फैक्टर बना रहता है, लेकिन लॉन्ग टर्म के नजरिए से यह कंपनी की एनर्जी एफिशिएंसी बढ़ाने का एक मजबूत प्रयास है।
