Glittek Granites में बड़ा मैनेजमेंट बदलाव हुआ है। नए प्रमोटर्स ने **70.59%** हिस्सेदारी हासिल कर ली है और अब कंपनी ग्रेनाइट बिजनेस छोड़कर सोलर, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) और क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में कदम रख रही है। कंपनी का नाम बदलकर 'Rawmin Neo Elements Limited' करने और मुंबई शिफ्ट होने का प्रस्ताव 22 सितंबर, 2026 की AGM में रखा जाएगा।
कारोबार में बड़ा बदलाव (Strategic Pivot)
कंपनी ने अपने पुराने ग्रेनाइट बिजनेस को पूरी तरह से अलविदा कह दिया है। कंपनी ने वित्त वर्ष FY2025-26 में अपना पुराना और बेकार पड़ा स्टॉक स्क्रैप वैल्यू पर बेच दिया है, जिसकी वजह से रेवेन्यू में भारी गिरावट दिखी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, रेवेन्यू गिरकर महज ₹0.0468 करोड़ रह गया है, जो पिछले साल ₹2.0363 करोड़ था। कंपनी को ₹0.3945 करोड़ का नुकसान भी हुआ है। अच्छी खबर यह है कि अब कंपनी पूरी तरह से कर्जमुक्त (Debt-free) है और नए बिजनेस मॉडल के लिए कैश बेस तैयार है।
नई लीडरशिप टीम
जून 2026 में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का पूरी तरह से पुनर्गठन किया गया है। अब महेशकुमार जटाशंकर थानकी चेयरमैन और होल-टाइम डायरेक्टर की भूमिका निभाएंगे। उनके साथ भार्गव गिरजाशंकर थानकी को मैनेजिंग डायरेक्टर और भविन हरिहर थानकी को होल-टाइम डायरेक्टर नियुक्त किया गया है।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks)
मैनेजमेंट ने साफ कर दिया है कि यह एक लॉन्ग-टर्म गेम है। निवेशकों को तुरंत बड़े मुनाफे की उम्मीद के बजाय प्रोजेक्ट्स के पूरा होने और क्षमता (Capacity) के निर्माण पर ध्यान देना होगा। सोलर और BESS जैसे हाई-कैपेक्स (High-capex) वाले प्रोजेक्ट्स को सही समय पर लागू करना कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।
आगे क्या होगा?
शेयरहोल्डर्स के लिए अब नजरें 22 सितंबर की AGM पर टिकी हैं। मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के निर्माण और मिनरल प्रोसेसिंग ऑपरेशंस के विस्तार की टाइमलाइन ही आगे कंपनी की सफलता तय करेगी।
