GK Energy Limited को MSEDCL से 150 MW के बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) का बड़ा प्रोजेक्ट मिला है। इस सरकारी प्रोजेक्ट के जरिए कंपनी अगले 15 सालों तक हर साल **₹42.84 करोड़** का रेवेन्यू हासिल करेगी, जो इसे लॉन्ग-टर्म स्टेबल इनकम का जरिया देगा।
15 साल का मिला पक्का रेवेन्यू मॉडल
GK Energy को मिला यह लेटर ऑफ अवॉर्ड (LoA) कंपनी के लिए एक बड़े बदलाव जैसा है। अब कंपनी का फोकस प्रोजेक्ट-बेस्ड अस्थिर कमाई से हटकर रिकरिंग (Recurring) यूटिलिटी इनकम की तरफ बढ़ रहा है। शर्तों के मुताबिक, कंपनी को हर मेगावाट पर ₹2,38,000 प्रति महीना टैरिफ मिलेगा। यह प्रोजेक्ट 'वायबिलिटी गैप फंडिंग' (VGF) के तहत आता है, जो इसे सरकारी सुरक्षा और प्रोत्साहन देता है।
प्रोजेक्ट की डेडलाइन और चुनौतियां
जैसे ही कंपनी 'बैटरी एनर्जी स्टोरेज परचेज एग्रीमेंट' (BESPA) साइन करेगी, घड़ी की टिक-टिक शुरू हो जाएगी। कंपनी के पास प्रोजेक्ट को कमीशन करने के लिए 18 महीने का सख्त समय है। निवेशकों को ध्यान रखना होगा कि अगर काम तय समय सीमा में पूरा नहीं हुआ, तो रेवेन्यू शुरू होने में देरी हो सकती है।
आगे क्या देखना होगा?
- BESPA एग्रीमेंट के साइन होने की आधिकारिक घोषणा।
- अगले दो क्वार्टर्स में जमीन अधिग्रहण और उपकरणों की खरीद पर अपडेट।
- VGF फंड के डिस्बर्समेंट (Disbursement) से जुड़े माइलस्टोन्स पर नजर बनाए रखें।
