Gujarat Industries Power Company Ltd (GIPCL) ने **20 MW/120 MWh** के Battery Energy Storage System (BESS) प्रोजेक्ट के लिए Bondada Engineering Limited के साथ औपचारिक करार पक्का कर लिया है।
प्रोजेक्ट की पूरी जानकारी
गुजरात के पावर इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है। GIPCL ने 20 MW/120 MWh क्षमता वाले BESS प्रोजेक्ट के लिए Bondada Engineering को लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) सौंपा था, जिसे अब कंपनी ने आधिकारिक रूप से स्वीकार कर लिया है। यह डील GUVNL (Gujarat Urja Vikas Nigam Limited) से जरूरी मंजूरी मिलने के बाद फाइनल हुई है।
क्या है काम का स्कोप?
Bondada Engineering इस प्रोजेक्ट के पूरे लाइफसाइकिल को संभालेगी। इसमें शामिल है:
- डिजाइन और इंजीनियरिंग: पूरी तरह से टेक्निकल ब्लूप्रिंट।
- प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन: सिविल वर्क से लेकर इरेक्शन तक की जिम्मेदारी।
- टेस्टिंग और कमीशनिंग: सब-स्टेशन पर इंस्टालेशन।
- O&M सपोर्ट: सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसमें 10 साल का ऑपरेशन और मेंटेनेंस (O&M) कॉन्ट्रैक्ट भी शामिल है, जिससे लंबे समय तक तकनीकी स्थिरता बनी रहेगी।
आगे की राह
फिलहाल इस प्रोजेक्ट की सभी शर्तें वैसी ही हैं जैसी 11 अगस्त, 2026 की पहली घोषणा में बताई गई थीं। GUVNL की हरी झंडी के बाद, अब यह प्रोजेक्ट अपने सक्रिय क्रियान्वयन (implementation) चरण में प्रवेश कर रहा है, जो राज्य में ग्रिड स्टेबिलिटी को काफी मजबूती देगा।
